पूर्णिया: बिहार विधानसभा के बजट सत्र में युवा विधायक नीतेश कुमार सिंह ने अपना पहला भाषण देकर सदन का ध्यान अपनी ओर खींच लिया, जहां उन्होंने 90 के दशक के बिहार की बदहाली और आज के विकास की तुलना करते हुए कहा कि पहले छात्र अपनी पहचान छिपाते थे लेकिन अब गर्व से बिहारी कहते हैं।
नीतेश ने राजनीति में बदलाव की जरूरत बताते हुए नोकिया और ऐप्पल मोबाइल का उदाहरण दिया कि कैसे नोकिया ने बदलाव न अपनाया तो पिछड़ गया जबकि ऐप्पल ने नवाचार से दुनिया जीत ली, जिस पर सदन में ठहाके गूंज उठे। उन्होंने ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ का नारा देते हुए चिराग पासवान के विजन और एनडीए सरकार की योजनाओं की सराहना की, साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ में कहा कि उनके नेतृत्व में बिहार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व प्रगति की है।
नीतेश ने आदिवासी, पिछड़े और वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के प्रयासों का जिक्र किया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जैसे उदाहरण देकर कहा कि यह सच्ची सामाजिक न्याय की मिसाल है। उनका यह भाषण सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और युवाओं में काफी उत्साह पैदा कर रहा है।



