अहमदाबाद: अहमदाबाद में 12 जून को घटित देश के सबसे भयावह विमान हादसों में से एक में एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, जो अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट जा रही थी, मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में अब तक कुल 297 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें 229 यात्री, 12 क्रू मेंबर्स और दुर्घटना स्थल पर मौजूद हॉस्टल के 56 निवासी शामिल हैं। विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें से केवल एक व्यक्ति की ही जान बच सकी, जो सीट 11A पर बैठा था। यह हादसा इतना जबरदस्त था कि आसपास के लोगों को लगा मानो भूकंप आ गया हो, पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और चारों ओर चीख-पुकार सुनाई देने लगी। हादसे के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए खुद कमान संभाली और शुक्रवार सुबह सबसे पहले अहमदाबाद पहुंचे। यहां उन्होंने घटनास्थल का दौरा किया, क्षतिग्रस्त हॉस्टल और मलबे की स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय प्रशासन व राहत टीमों से मौके पर ही फीडबैक लिया।प्रधानमंत्री ने उसके बाद अहमदाबाद सिविल अस्पताल पहुंचकर घायल यात्रियों और मेडिकल छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, उनका हाल जाना और उनके इलाज की व्यवस्था की समीक्षा की। अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए गए कि इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। इसके बाद पीएम मोदी ने अहमदाबाद एयरपोर्ट पर गुजरात के मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, एयर इंडिया के एमडी एवं सीईओ कैंपबेल विल्सन, आपदा प्रबंधन विभाग और सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में हादसे की गहराई से जांच के लिए एक हाई-लेवल कमेटी के गठन की घोषणा की गई और स्पष्ट किया गया कि हादसे की जांच पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध होगी। प्रधानमंत्री ने इस त्रासदी को “राष्ट्रीय शोक की घड़ी” बताते हुए देशवासियों से संयम और एकता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद करेगी और गुजरात सरकार के साथ मिलकर राहत कार्यों की निगरानी करेगी। इस घटना में जान गंवाने वालों में आगरा का नवविवाहित जोड़ा, एक नई नवेली दुल्हन, कई छोटे बच्चे, ब्रिटेन, पुर्तगाल और कनाडा के नागरिक शामिल हैं। विमान में कुल 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक मौजूद थे। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि क्षतिग्रस्त शवों की पहचान के लिए डीएनए जांच की जा रही है।प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रत्येक मृतक का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया जाएगा और उनके परिजनों को सरकार की ओर से हर आवश्यक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा टाटा ग्रुप ने प्रत्येक मृतक के परिजन को ₹1-1 करोड़ की सहायता राशि देने की घोषणा की है, जबकि घायलों के इलाज का खर्च भी एयर इंडिया वहन करेगी। रिलायंस समूह के चेयरमैन मुकेश अंबानी और नीता अंबानी ने भी हादसे पर शोक जताते हुए प्रभावितों को हरसंभव मदद देने का भरोसा दिलाया है। पीएम मोदी की मौजूदगी में राहत और बचाव कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाया गया, सेना और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और फंसे लोगों को निकालने में जुटी हैं। खोजी कुत्तों की टीमें और तकनीकी विशेषज्ञ भी मौके पर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इस हादसे से सबक लेते हुए भविष्य की विमानन सुरक्षा नीतियों में व्यापक सुधार किए जाएंगे। उन्होंने यह संदेश भी दिया कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और ऐसी किसी भी घटना को दोहराने से रोकने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे। यह दुर्घटना पूरे देश को झकझोरने वाली है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र व राज्य सरकारें मिलकर प्रभावित लोगों के पुनर्वास और न्याय दिलाने के लिए पूरी निष्ठा से जुटी हुई हैं। Post navigationअहमदाबाद विमान हादसे पर Salman Khan का बड़ा फैसला, ISRL इवेंट किया स्थगित पीएम मोदी ने अहमदाबाद विमान हादसे में जीवित बचे इकलौते यात्री विश्वास कुमार से की मुलाकात, बोले – ‘मुझे भी नहीं पता मैं कैसे बच गया’