पूर्णिया / किशन : पूर्णिया विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति की अध्यक्षता में आयोजित विश्वविद्यालय नामांकन समिति की बैठक में स्नातक (UG) सत्र 2026–2030 के नामांकन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए। बैठक में परीक्षा नियंत्रक एवं उपकुलसचिव (पंजीयन) आमंत्रित सदस्य के रूप में उपस्थित रहे।
समिति ने तय किया कि इस सत्र का पूरा नामांकन ‘समर्थ पोर्टल’ के माध्यम से ऑनलाइन संचालित होगा। बिहार सरकार द्वारा विभिन्न प्रखंडों में स्थापित 21 नवस्थापित राजकीय महाविद्यालयों में भी इसी सत्र से नामांकन प्रारंभ किया जाएगा। प्रत्येक महाविद्यालय में हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र—इन छह विषयों में 48-48 सीटें निर्धारित की गई हैं।
प्रमुख निर्णय
• अभ्यर्थी अधिकतम दो जिलों के महाविद्यालय चुन सकेंगे।
• कुल 11 महाविद्यालय विकल्प उपलब्ध रहेंगे, जिनमें से कम-से-कम 5 विकल्प अनिवार्य होंगे।
• विषय चयन में अभ्यर्थी दो विषय विकल्प के रूप में चुन सकेंगे; मेरिट में प्रथम वरीयता को प्राथमिकता मिलेगी।
• मेधा सूची और नामांकन इंटरमीडिएट (12वीं) के कुल प्राप्तांक (Aggregate Percentage) के आधार पर होगा।
• ऑनलाइन आवेदन 14 मई से 20 मई तक प्रस्तावित है; इसके बाद अतिरिक्त शुल्क के साथ आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
• आवेदन शुल्क ₹600 (SC/ST/PwBD के लिए ₹300) निर्धारित।
• नामांकन प्रक्रिया 30 जून 2026 तक पूर्ण करने और कक्षाएं 01 जुलाई 2026 से शुरू करने का लक्ष्य।
सत्यापन और अनुपालन
ऑनलाइन आवेदन में अपलोड सभी प्रमाणपत्रों का भौतिक सत्यापन महाविद्यालय स्तर पर मूल दस्तावेजों से मिलान कर किया जाएगा। प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया गया है कि चयनित अभ्यर्थियों के अंकपत्र, प्रमाणपत्र और जाति प्रमाणपत्र का मूल से मिलान अनिवार्य रूप से करें।
व्यावसायिक पाठ्यक्रम
व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में नामांकन महाविद्यालय स्तर से, मेधा सूची और रोस्टर प्रक्रिया के अनुसार होगा। ऐसे ही संस्थानों में नामांकन संभव होगा, जिन्होंने सत्र 2026 के लिए विश्वविद्यालय से अनुमोदन (Approval) प्राप्त किया है। महाविद्यालयों को नामांकन बढ़ाने के उद्देश्य से प्रचार-प्रसार (Advertisement) करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विषय चयन
नामांकन के समय ही महाविद्यालय स्तर पर MJC के साथ MIC, MDC, AEC, VAC और SEC विषयों का चयन कराया जाएगा।
बैठक में लिए गए सभी निर्णयों को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित महाविद्यालयों और विद्यार्थियों से निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है।








