पटना: बिहार की राजधानी पटना मंगलवार को जन सुराज के ज़बरदस्त प्रदर्शन का गवाह बना, जब प्रशांत किशोर के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ता सचिवालय घेराव के लिए निकले। चितकोहरा गोलंबर पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रुकने की कोशिश की, लेकिन जैसे-जैसे जनसैलाब बढ़ा, माहौल उग्र होता गया। इसी दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत हो गई, जिसके बाद हालात काबू में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस लाठीचार्ज में एक कार्यकर्ता के सिर में गंभीर चोट लगने की पुष्टि हुई है। हंगामे के बीच प्रशांत किशोर को समर्थकों समेत रोक दिया गया, लेकिन जन सुराज की ताकत और जमीनी पकड़ पूरे प्रदर्शन में झलकती रही। माहौल गर्म होते ही पार्टी का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के मुख्य सचिव से मिलने सचिवालय पहुंचा, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, एनपी मंडल, किशोर कुमार, अरविंद सिंह, ललन यादव और जितेंद्र मिश्रा शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के खिलाफ लोगों की आवाज बुलंद की और साफ कहा कि अगर लोकतांत्रिक तरीके से भी आवाज उठाना अपराध बन गया है, तो जन सुराज इससे पीछे हटने वाला नहीं। इस प्रदर्शन ने साफ संकेत दे दिया कि बिहार की सियासत में जन सुराज अब सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक आंदोलन बन चुका है। Post navigationBihar Assembly Session 2025: बिहार विधानसभा में सियासी महाभारत! वोटर लिस्ट पर तेजस्वी के वार से भड़के नीतीश, बोले – “बच्चा न बनो!” तेजस्वी यादव का बयान: “इस बार उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा लखिसराय से चुनाव हार जाएंगे”