ARARIA NEWS : फारबिसगंज में ‘जय श्री राम’ के जयघोष के साथ निकला ऐतिहासिक महावीरी झंडा जुलूस, दिखा आपसी सौहार्द

ARARIA NEWS,प्रिंस(अन्ना राय) : बिहार के फारबिसगंज में रविवार को ‘जय श्री राम’ के उद्घोष के साथ ऐतिहासिक महावीरी झंडा जुलूस निकाला गया। इस भव्य शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया, जिससे पूरा शहर भगवामय नजर आया। सुरक्षा के कड़े इंतजाम इस विशाल जुलूस के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात था और ड्रोन कैमरों से पूरे जुलूस की निगरानी की जा रही थी। शहर में कुल 31 जगहों पर दंडाधिकारियों और पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। जुलूस में एसडीएम रंजीत कुमार रंजन और डीएसपी मुकेश कुमार साहा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। झांकियों ने मोहा मन जुलूस में भगवान राम और हनुमान से जुड़ी कई आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जो लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। शोभायात्रा जिस रास्ते से गुजर रही थी, वहां जगह-जगह श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया गया।

राजनेताओं और गणमान्य लोगों की भागीदारी जुलूस में महंत पंडित कुशल दुबे के साथ क्षेत्रीय सांसद प्रदीप कुमार सिंह, विधायक विद्यासागर केसरी, नप मुख्य पार्षद वीणा देवी, उपमुख्य पार्षद नूतन देवी और अन्य कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। इसके अलावा, विभिन्न अखाड़ों के राम भक्तों ने भी जुलूस में बढ़-चढ़कर भाग लिया। सदियों पुरानी परंपरा और आपसी भाईचारा फारबिसगंज के सांवरिया कुंज महावीरी ठाकुरबारी से शुरू होकर जुलूस जब दरभंगिया टोला पहुंचा, तो वहां एक अनोखी और दिल छू लेने वाली परंपरा देखने को मिली। यहां महंत पंडित कुशल दुबे और छोटी मस्जिद के इमाम ने एक-दूसरे को फूल-माला पहनाकर आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जो शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को दर्शाती है। 119 साल पुरानी है परंपरा आपको बता दें कि फारबिसगंज में महावीरी झंडा जुलूस की यह परंपरा साल 1904 से चली आ रही है। एक छोटे रूप में शुरू हुई यह शोभायात्रा आज 119 सालों में एक विराट रूप ले चुकी है। हर साल लोग इस जुलूस का बेसब्री से इंतजार करते हैं, जो अब शहर की पहचान बन चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *