SAHARSA NEWS,अजय कुमार : जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (पीके) के हालिया बयान— “15 सालों से मैंने जिन नेताओं का हाथ पकड़कर उन्हें सत्ता तक पहुँचाया, आज उन्हीं को हटाने निकला हूँ”—पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश महामंत्री (संगठन) सह प्रभारी पूर्णिया, कोशी एवं भागलपुर प्रमंडल अनिल कुमार साहा ने कड़ा सवाल खड़ा किया है। साहा ने कहा कि यदि प्रशांत किशोर खुद को समाज सुधारक और स्वच्छ राजनीति के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं, तो पहले उन्हें यह बताना चाहिए कि आखिर किन कारणों या मजबूरियों के चलते उन्होंने डेढ़ दशक तक उन्हीं नेताओं को सत्ता तक पहुँचाया, जिन्हें आज बिहार की अराजकता का ज़िम्मेदार ठहराते हैं।उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पीके की भूमिका भी उन्हीं आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों जैसी थी, जो नेताओं को जिताने और सत्ता दिलाने का काम करते रहे और बाद में खुद ही राजनीति में कूद पड़े? साहा ने कहा— “आज पीके कभी राहुल गांधी पर बयान देते हैं, कभी नीतीश कुमार पर, कभी तेजस्वी यादव पर, तो कभी नरेंद्र मोदी तक को आड़े हाथों लेते हैं। लेकिन सच यह है कि इन्हीं नेताओं को चुनाव जिताने में वे स्वयं रणनीतिकार की भूमिका निभाते रहे हैं। साहा ने तंज कसते हुए कहा कि पहले प्रशांत किशोर को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी राजनीतिक रणनीतियों के पीछे कौन-सी मजबूरी, लाभ या प्रवृत्ति काम कर रही थी। “जब तक इसका जवाब नहीं मिलता, तब तक उनकी स्वच्छ राजनीति की छवि अधूरी और संदेहास्पद ही मानी जाएगी।” Post navigationSAHARSA NEWS : बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ द्वारा सरकार की दमनात्मक कार्रवाइयों का पूरजोर विरोध प्रदर्शन SAHARSA NEWS : सरकार के विरुद्ध बनवारी शंकर कालेज शिक्षकों ने काला बिल्ला लगाकर प्रदर्शन किया