बिहारशरीफ: बिहारशरीफ जिले में चल रहे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा के लिए आई राष्ट्रीय टीम ने सोहसराय और नगरनौसा प्रखंड का दौरा कर स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना की। गेट्स फाउंडेशन, विलियम जे. क्लिंटन फाउंडेशन और जॉन स्नो इनिशिएटिव (JSI) के वरिष्ठ विशेषज्ञों की टीम ने फील्ड विजिट के दौरान पाया कि जिले में टीकाकरण कवरेज व्यवस्थित और प्रभावशाली है। गेट्स फाउंडेशन के डॉ. भूपेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि लाभार्थियों की सटीक ड्यू-लिस्ट, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स पर टीकाकरण कॉर्नर और नियमित समीक्षा ने व्यवस्था को पारदर्शी बनाया है।वहीं, डॉ. दिशा अग्रवाल ने कहा कि टीकाकरण बच्चों को बीमारियों से बचाने का कवच है और यह प्रयास शिशु मृत्यु दर घटाने की दिशा में अहम है। टीम ने चौरासी हेल्थ सेंटर, बाजितपुर आंगनवाड़ी और सुंदरगढ़ शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा कर स्वास्थ्यकर्मियों के कार्यों की प्रशंसा की। टीम ने कहा कि बिहारशरीफ का मॉडल अन्य जिलों के लिए प्रेरणादायक है और इसकी सफल रणनीतियों को व्यापक रूप से अपनाने की जरूरत है, ताकि अधिक से अधिक बच्चों और माताओं को सुरक्षित किया जा सके। Post navigationबिहार में Rahul Gandhi की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का आगाज़ 17 अगस्त से, बोले – “यह लोकतंत्र की रक्षा का निर्णायक संग्राम” Bihar Election 2025: मोकामा विधानसभा: JDU के अनंत सिंह ने दाखिल किया नामांकन, बड़ा जीत का दावा
बिहारशरीफ: बिहारशरीफ जिले में चल रहे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा के लिए आई राष्ट्रीय टीम ने सोहसराय और नगरनौसा प्रखंड का दौरा कर स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना की। गेट्स फाउंडेशन, विलियम जे. क्लिंटन फाउंडेशन और जॉन स्नो इनिशिएटिव (JSI) के वरिष्ठ विशेषज्ञों की टीम ने फील्ड विजिट के दौरान पाया कि जिले में टीकाकरण कवरेज व्यवस्थित और प्रभावशाली है। गेट्स फाउंडेशन के डॉ. भूपेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि लाभार्थियों की सटीक ड्यू-लिस्ट, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स पर टीकाकरण कॉर्नर और नियमित समीक्षा ने व्यवस्था को पारदर्शी बनाया है।वहीं, डॉ. दिशा अग्रवाल ने कहा कि टीकाकरण बच्चों को बीमारियों से बचाने का कवच है और यह प्रयास शिशु मृत्यु दर घटाने की दिशा में अहम है। टीम ने चौरासी हेल्थ सेंटर, बाजितपुर आंगनवाड़ी और सुंदरगढ़ शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा कर स्वास्थ्यकर्मियों के कार्यों की प्रशंसा की। टीम ने कहा कि बिहारशरीफ का मॉडल अन्य जिलों के लिए प्रेरणादायक है और इसकी सफल रणनीतियों को व्यापक रूप से अपनाने की जरूरत है, ताकि अधिक से अधिक बच्चों और माताओं को सुरक्षित किया जा सके।