SAHARSA NEWS : परमहंस लक्ष्मीनाथ गोसाई चेयर स्थापना की अधिसूचना जारी, सिंडिकेट सदस्य ने जताया आभार

SAHARSA NEWS,अजय कुमार : भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए पहली बार विश्वविद्यालय में किसी महापुरुष के नाम पर चेयर स्थापना की है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार ठाकुर द्वारा “परमहंस लक्ष्मीनाथ गोसाई चेयर” की स्थापना की अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। इस चेयर के गठन के साथ ही विश्वविद्यालय ने साहित्य, संस्कृति और दर्शन के क्षेत्र में नई पीढ़ी को अमूल्य धरोहर सौंपी है। इसको लेकर लगातार मुखर रहे सिंडिकेट सदस्य मेजर डॉ गौतम कुमार ने विश्वविद्यालय के कुलपति कुलसचिव सहित विविद्यालय प्रशासन का आभार जताया है।उन्होंने कहा कि जारी अधिसूचना के अनुसार चेयर के अध्यक्ष विश्वविद्यालय के कुलपति होंगे। निदेशक की जिम्मेदारी स्नातकोत्तर मैथिली विभागाध्यक्ष, पी. जी. सेन्टर, पश्चिमी परिसर को बनाया गया है। सहरसा आर एम कॉलेज के पूर्व प्राचार्या प्रो. (डॉ.) अरुण कुमार खां को संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।सदस्य सचिव के रूप में कुलसचिव कार्य करेंगे, वहीं नोडल विभाग के रूप में स्नातकोत्तर मैथिली विभाग, सहरसा की भूमिका तय की गई है। चेयर का संचालन विश्वविद्यालय की अनुमोदित नियमावली के तहत किया जाएगा. चेयर के बैंक खाते का संचालन निदेशक एवं कुलसचिव-सह-सदस्य सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा।डॉक्टर गौतम कुमार ने कुलपति का आभार जताते हुए कहा कि कुलपति प्रो. (डॉ.) वी. एस. झा की गहरी अभिरुचि और परमहंस गोसाई जी के प्रति श्रद्धा के कारण ही यह चेयर अस्तित्व में आ सका। सिंडिकेट सदस्य ने कहा कि चेयर के गठन के बाद विश्वविद्यालय स्तर पर परमहंस लक्ष्मीनाथ गोसाई जी के जीवन वृत, कृतित्व और दर्शन पर विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियां होंगी।उनके नाम से व्याख्यानमाला, संगोष्ठी और सेमिनार का आयोजन किया जाएगा वहीं शोधार्थियों को उनके साहित्य और विचारों पर शोध का अवसर मिलेगा।साथ ही उनकी रचनाओं का प्रकाशन भी विश्वविद्यालय करेगा l

यह चेयर न सिर्फ मैथिली साहित्य बल्कि भारतीय अध्यात्म और दर्शन को भी नई दिशा देने का कार्य करेगी।उन्होंने कहा कि चेयर बनने के बाद स्नातकोत्तर मैथिली विभाग, सहरसा को नोडल विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। विभागाध्यक्ष ने बताया कि इससे शोधार्थियों को नया मंच मिलेगा  पहले गोसाई जी पर बिखरे हुए स्तर पर शोध कार्य होते थे, लेकिन अब विश्वविद्यालय स्तर पर इसे व्यवस्थित रूप से संचालित किया जाएगा l चेयर के तहत उनके जीवन-दर्शन, रचनाओं और साहित्यिक योगदान को लेकर विभिन्न प्रोजेक्ट तैयार होंगे।चेयर की स्थापना से उनके साहित्य और दर्शन का संरक्षण होगा और नई पीढ़ी तक उनकी विरासत पहुंच सकेगी. भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में “परमहंस लक्ष्मीनाथ गोसाई चेयर” की स्थापना न केवल साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में नई पहल है, बल्कि यह मिथिला और कोसी क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय है l यह चेयर आने वाले दिनों में गोसाई जी के विचारों और कृतित्व को विश्व पटल पर ले जाने का काम करेगी l विश्वविद्यालय और समाज के साझा प्रयास से यह चेयर निश्चित रूप से मील का पत्थर साबित होगी l सिंडिकेट सदस्य डॉ गौतम ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए कुलपति,कुलसचिव संग खास करके पूर्व प्राचार्य आर एम कॉलेज सहरसा प्रो(डॉ) अरुण कुमार खा का प्रयास अविस्मरणीय है उन सबों का आभार जताया है जिन्होंने इसके पीछे अपना योगदान दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *