Chhath 2025,अजय कुमार : कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष के षष्ठी एवं सप्तमी को सुर्योपासना का पर्व छठ पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है।सुर्यपासना का चार दिवसीय अनुष्ठान नहाय-खाय एवं कदु भात के साथ शुरू हुआ वही दुसरे दिन खरना पर्व अनुष्ठान का आयोजन किया जाता है।इसके अंतर्गत छठव्रती पूरे नियम निष्ठा एवं सात्त्विक भाव सें खीर बनाकर एक समय प्रसाद ग्रहण करते है।इस अवसर पर छठि मैया के गीत गायन से पूरा धार्मिक वातावरण गुंजायमान होता है।इस बार यह पर्व सोमवार को सायंकालीन अर्घ्य एवं मंगलवार को प्रातःकालीन अर्घ्य के साथ समापन किया जायेगा।छठ व्रतियों ने बताया कि छठ पर्व में नारी सशक्तिकरण के रूप मे छठि माय एवं प्रकृति के रूप में सुर्य की उपासना की जाती है।यह पर्व वैदिक काल से ही मनाया जा रहा है।
यह पर्व अध्यात्मिक,धार्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व से भरपूर है।आज वैज्ञानिक भी शोध के आधार पर इस पर्व को ऋतु परिवर्तन के कारण अति महत्वपूर्ण माना है।यह पर्व सामाजिक समरसता का द्योतक है जहां सभी जाति वर्ग के लोग एक सुर्य देवता,एक रंग रुप प्रसाद के साथ एक घाट पर मिल जुलकर मनाते है।वही सर्वे भवन्तु सुखिन भाव सें विश्व कल्याण की कामना की जाती है।



