अक्षयनवमी कल,01 नवंबर को देवोत्थान एकादशी, 20 नवंबर से बजेगी शहनाई,शुरू होंगे सभी मांगलिक कार्य – पंडित तरुण झा

SAHARSA NEWS,अजय कुमार : ब्रज किशोर ज्योतिष संस्थान, डॉ रहमान चौक,सहरसा के संस्थापक एवं प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा ने बताया की कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को अक्षय /आंवला नवमी मनाई जाती है,जो इस बार 30 अक्टूबर,गुरुवार को मनाई जायेगी,अक्षय /आंवला नवमी पर आंवले के पेड़ की पूजा कर उसी के नीचे भोजन करने एवं करवाने का भी विधान है,अक्षय /आंवला नवमी का वैज्ञानिक,आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व है, यदि संभव हो तो इस दिन निःसहाय जरुरतमंद को भोजन और यथा संभव दान करना चाहिए।

01 नवम्बर शनिवार को देवोत्थान एकादशी होगा एवं मिथिला विश्वविद्यालय पंचांग के अनुसार,20 नवम्बर से विवाह की तिथि की शुरूआत हो रही है।देवोत्थान एकादशी के बाद से ही हिंदू धर्म में विवाह की तिथि की शुरुआत होती है एवं अन्य सभी मांगलिक कार्य भी होते हैं।देवोत्थान एकादशी के बाद कार्तिक पूर्णिमा आती है।जिसे देव दिवाली के रूप में भी मनाया जाता है। जो 05 नवंबर बुधवार को है।इसी दिन मिथिला में भाई बहन का पर्व सामा चकेवा का भी विसर्जन होगा।

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