सहरसा, अजय कुमार: SAHARSA NEWS राष्ट्रीय संघ सेवक संघ के 100 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में स्वयंसेवकों द्वारा व्यापक जन जागरण एवं गृह संपर्क किया जा रहा है। जिला सेवा प्रमुख डा मुरारी कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना विजयादशमी के दिन 1925 ईस्वी में डॉ हेडगेवार के द्वारा नागपुर में इसकी शुरुआत हुई थी। गुलामी के कालखंड में संघ के संस्थापक डॉक्टर हेडगेवार ने भारत को आजादी दिलाने हेतु कांग्रेस एवं अनुशीलन समिति जैसे अन्य क्रांतिकारी संगठनों के साथ मिलकर काम किया। वही सत्याग्रह आंदोलन के दौरान उन्हें 18 महीने जेल में भी बिताने पड़े लेकिन देश हित के बारे में कांग्रेस द्वारा अंग्रेज परस्त नीति को आगे बढ़ाने का विरोध करते हुए उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दिया।
नागपुर के लिए पहले एमबीबीएस डॉक्टर बने लेकिन उन्होंने अपनी व्यक्तिगत पारिवारिक जीवन को छोड़कर देश के लिए काम करना निश्चय किया। उन्होंने कहा कि भारत हजारों वर्ष तक गुलाम क्यों रहा। इस कमी को दूर करने के लिए उन्होंने अनेक लोगों से विचार विमर्श कर गहन मंथन के पश्चात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। और हिंदू समाज का संगठन प्रारंभ किया।
उन्होंने कहा कि विगत 100 वर्षों में संघ ने अनेक प्रहार झेले एवं डटकर उसका मुकाबला किया। जिसके कारण संघ आज भी बढ़ता ही जा रहा है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर साहब की मृत्यु के बाद इस बट वृक्ष को गुरु जी ने पुष्पित एवं पल्लवित किया। इस शताब्दी वर्ष में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ घर-घर जाकर व्यापक गृह संपर्क किया जा रहा है। संघ के द्वारा संघ की पुस्तिका एवं पत्रक वितरण किया जा रहा है। जिसमें संघ की स्थापना 1925 से लेकर 2025 तक 100 वर्षों के संघ के सफर को विस्तृत रूप से विवरण दिया गया है। इसके साथ ही शताब्दी वर्ष में संघ द्वारा पांच परिवर्तन का जो निर्णय लिया गया है इस पुस्तिका में विस्तार से अंकित किया गया है।



