Araria News: जल-जीवन-हरियाली’ अभियान से बदल रही जिले की सूरत; 900 से अधिक जल संरचनाओं का हुआ जीर्णोद्धार

अररिया, प्रिंस कुमार: Araria News ग्रामीण विकास विभाग और जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) के तत्वावधान में मंगलवार को ‘जल-जीवन-हरियाली दिवस’ के अवसर पर एक भव्य परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डीआरडीए सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय “जल–जीवन–हरियाली अभियान का क्रियान्वयन और प्रभाव” रहा, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को सशक्त करने पर विशेष जोर दिया गया।

भविष्य की पीढ़ी के लिए जल संरक्षण अनिवार्य: डीडीसी
कार्यक्रम का उद्घाटन उप विकास आयुक्त (DDC) रोजी कुमारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी और डीआरडीए निदेशक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। डीडीसी ने अपने संबोधन में कहा कि यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने की एक दूरगामी पहल है। उन्होंने सभी विभागों और आम नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान को एक जन-आंदोलन का रूप दें।

जिले में अभियान की उपलब्धियां
परिचर्चा के दौरान जिले में अब तक हुए कार्यों के प्रभावशाली आंकड़े साझा किए गए: 45 सार्वजनिक तालाबों और 76 कुओं को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। 937 तालाब/पईन और 276 कुओं का कायाकल्प किया गया।

जल संचयन: 3609 चापाकलों के पास सोख्ता निर्माण और 263 सरकारी भवनों पर ‘छत-वर्षा जल संचयन’ (Rainwater Harvesting) की व्यवस्था की गई। इस वित्तीय वर्ष में 6 लाख पौधों का रोपण किया गया। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए जिले के 100 भवनों को सोलर लाइट से आच्छादित किया गया है।

क्विज प्रतियोगिता की विजेता छात्राएं सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान जिले की मेधावी छात्राओं को उनकी जागरूकता के लिए पुरस्कृत किया गया। जिला स्तरीय क्विज प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार और प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए: प्रथम स्थान: आँचल कुमारी, द्वितीय स्थान: अमृता कुमारी, तृतीय स्थान: राधिका कुमारी

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14 विभागों का संयुक्त प्रयास
वक्ताओं ने बताया कि यह अभियान 2 अक्टूबर 2019 से शुरू किया गया था, जिसमें 14 विभाग मिलकर 11 विभिन्न अवयवों पर काम कर रहे हैं। इनमें जैविक खेती, ड्रिप सिंचाई (608 एकड़), चेकडैम निर्माण और सौर ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। इसका मूल उद्देश्य भूमिगत जल स्तर को बढ़ाना और जलवायु परिवर्तन के खतरों को कम करना है। इस अवसर पर निदेशक एनईपी, सहायक परियोजना पदाधिकारी, नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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