सरस्वती मां की प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जूटे कलाकार

अंग इंडिया संवाददाता/रुपौली/

प्रखंड में वसंत-पंचमी के अवसर पर होनेवाली सरस्वती पूजा के लिए मां सरस्वती की मिटी से बनी प्रतिमा को अंतिम रूप देने के लिए कलाकार जूट गए हैं । पूरे प्रखंड क्षेत्र सहित अन्य क्षेत्रों में भी कलाकार सैकडो की संख्या में प्रतिमा बनाने में जूटे हुए हैं । मुख्यालय स्थित खादी भंडार परिसर में मां सरस्वती की प्रतिमा बनाने में जूटे श्रवण साह बताते हैं कि वे इस कला को अपने पिता भरतलाल साह से सीखा है । वह एक गरीब आदमी है, पिताजी 12 साल से ही मां सरस्वती की प्रतिमा बनाते आए हैं । अनुवांशिक रूप से वे भी उनकी कला को जमीन पर उतारने का प्रयास कर रहे हैं । उसका घर इसी प्रखंड के पकडिया गांव में पडता है । वह बचपन से ही अपने पिता के पास बैठने लगा तथा धीरे-धीरे यह काम सीखने लगा । जब वह प्रतिमा बनाने में कुशल हो गया, तब लोगों के आॅर्डर के अनुसार इस काम को करने लगा, यद्यपि उसके पिता का साया हमेशा ही उसके सिर पर रहता है कि कहीं कोई त्रुटि नहीं रह जाए । यहां लगभग दो दर्जन मूर्तियों का आॅर्डर जगह-जगह से आये हैं, साथही वह कुछ एक्सट्रा भी बनाकर रखता है, ताकि कोई भूला-भटका आ जाए तो उसके हाथों बेचा जा सके । इधर मौके पर मौजूद कलाकार भरतलाल साह ने कहा कि वे 12 साल की उम्र से ही इस कला में निपुण हो गए थे । इसके अलावा भी वे नाटक का पर्दा आदि के पेंटिंग का भी काम करते हैं । उन्होंने बताया कि अगर इंसान चाह ले तो कभी भी भूखा नहीं मर सकता । नजर चारो ओर दौडाए तो हर ओर काम-ही-काम है, बस इसके लिए इरादा पक्का होना चाहिए । इधर क्षेत्र में अभी से ही लोग इस पूजा की तैयारी शुरू कर दी है । स्कूलों, गैर सराकरी संस्थाओं, कोचिंग संस्थानों आदि में इसकी तैयारी चल रही है ।

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