कैमूर: कैमूर जिले के अधौरा पहाड़ी क्षेत्र में गर्मी शुरू होने से पहले ही भीषण जल संकट गहराने लगा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि पहाड़ी पर बसे ग्रामीण गंदा पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जल संकट से परेशान ग्रामीण पहाड़ी का पानी लेकर भभुआ स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और टैंकर से साफ पानी उपलब्ध कराने की मांग की। अधौरा पहाड़ी क्षेत्र के गुदरी गांव के ग्रामीण अपनी पत्नी और बच्चों के साथ समाहरणालय पहुंचे और जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह को आवेदन सौंपकर गांव में तत्काल टैंकर से पानी भेजने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में पानी का घोर संकट उत्पन्न हो गया है, जिससे जीवन यापन मुश्किल हो गया है।
समाहरणालय पहुंची ग्रामीण सीता मुनि देवी ने बताया कि जल संकट के कारण जनजाति समुदाय के महिला, पुरुष, बच्चे और पशु-पक्षी नदी-नालों का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि जल्द साफ पानी की व्यवस्था नहीं हुई तो ग्रामीण गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाई गई है, जिससे पूरे गांव को पानी मिलता था, लेकिन पिछले करीब दस दिनों से व्यवस्था पूरी तरह ठप है। इसके कारण ग्रामीणों को गांव से लगभग दो किलोमीटर दूर नदी से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार नदी का पानी पीने योग्य नहीं है, उसका रंग पीला है और दुर्गंध भी आती है।
गौरतलब है कि अधौरा पहाड़ी क्षेत्र में 108 से अधिक गांव बसे हुए हैं, जहां हर वर्ष भीषण गर्मी के दौरान पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न होती है। आमतौर पर ग्रामीण “चुआ” (प्राकृतिक झरने) के पानी पर निर्भर रहते हैं, लेकिन इस वर्ष गर्मी शुरू होने से पहले ही जल संकट गहरा गया है।
हालांकि राज्य सरकार द्वारा अधौरा क्षेत्र में कैनाल पंप लगाने की अनुमति दी गई है, लेकिन अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कैमूर जिला प्रशासन और सरकार पहाड़ी क्षेत्र में रहने वाले हजारों ग्रामीणों की जल समस्या का स्थायी समाधान कब और कैसे करती है।


