पूर्णिया: शहर की चर्चित रियल एस्टेट कंपनी पैनोरमा ग्रुप पर इनकम टैक्स विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की। जानकारी के अनुसार पूर्णिया में पैनोरमा ग्रुप से जुड़े कुल आठ स्थानों पर आयकर विभाग की टीम ने दबिश दी है। छापेमारी की कार्रवाई जिला स्कूल रोड स्थित पैनोरमा ग्रुप के मुख्य कार्यालय से लेकर विभिन्न अपार्टमेंट, हाउसिंग कॉलोनियों, निदेशक के आवास और उनके ससुराल तक फैली हुई है।
सूत्रों के अनुसार जिन प्रमुख स्थानों पर छापेमारी चल रही है, उनमें जिला स्कूल रोड स्थित मुख्य कार्यालय एवं अपार्टमेंट, बिलोरी स्थित पैनोरमा हाइट, गुलाब बाग रोड बायपास पर स्थित पैनोरमाई होम तथा गुलाब बाग बायपास रोड स्थित पैनोरमा हाइट शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी के निदेशक संजीव मिश्रा के छातापुर स्थित आवास और उनके ससुराल में भी आयकर विभाग की टीम जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि संजीव मिश्रा और उनकी पत्नी होम ए होम स्थित अपने आवास पर मौजूद हैं, जहां इनकम टैक्स विभाग के अधिकारी दस्तावेजों और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की गहन जांच कर रहे हैं।
सैकड़ों करोड़ रुपये के वित्तीय घालमेल की आशंका
सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि पैनोरमा ग्रुप से जुड़े लेन-देन में 400 से 500 करोड़ रुपये तक के वित्तीय घालमेल की आशंका है। हालांकि, आयकर विभाग की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
निवेशकों के साथ धोखाधड़ी के आरोप
स्थानीय स्तर पर पहले से ही पैनोरमा ग्रुप पर गंभीर आरोप लगते रहे हैं। कई व्यवसायियों और डॉक्टरों सहित अन्य निवेशकों का आरोप है कि कंपनी ने सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये निवेश के नाम पर लिए और एक ही मकान या फ्लैट को कई बार अलग-अलग लोगों को बेच दिया। आरोप यह भी है कि कई लोगों को मकान दिखाकर उनसे पैसा लिया गया और संपत्ति का सौदा बार-बार अलग-अलग लोगों के साथ किया गया।हालांकि, अधिकांश पीड़ित निवेशक खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं, जिससे पूरे मामले की वास्तविकता सामने आने में कठिनाई हो रही है।
दिल्ली से पूर्णिया तक कंपनी का सफर
बताया जाता है कि पैनोरमा ग्रुप के निदेशक संजीव मिश्रा पहले दिल्ली में रहते थे। लोगों का दावा है कि वे दिल्ली में एक कंपनी से जुड़े वित्तीय विवाद के बाद पूर्णिया आए और यहां रियल एस्टेट कारोबार शुरू किया। पूर्णिया के बिलोरी क्षेत्र में पैनोरमा हाइट नाम से पहला बड़ा अपार्टमेंट प्रोजेक्ट शुरू किया गया, जिसमें राजनीतिक और प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोगों सहित कई निवेशकों ने पैसा लगाया।
जांच के बाद खुल सकते हैं कई बड़े राज
इनकम टैक्स विभाग की इस कार्रवाई के बाद आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। विभागीय अधिकारियों के आधिकारिक बयान के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



