नई दिल्ली: लोकसभा में जारी हंगामे के बीच कांग्रेस ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस फिर से दाखिल किया है। पार्टी ने पहले दाखिल नोटिस में हुई तकनीकी त्रुटि को सुधारते हुए दूसरी बार प्रस्ताव पेश किया। कांग्रेस के मुख्य व्हिप कोडिकुन्निल सुरेश और अन्य विपक्षी सांसदों ने 118 से अधिक हस्ताक्षरों के साथ यह नोटिस लोकसभा महासचिव को सौंपा। प्रस्ताव में स्पीकर पर पक्षपातपूर्ण व्यवहार, विपक्षी सांसदों को बोलने का अवसर न देने और हालिया निलंबनों का आरोप लगाया गया है। विपक्ष का कहना है कि स्पीकर ने राहुल गांधी सहित कई सांसदों को महत्वपूर्ण मुद्दों पर बोलने से रोका, जो लोकतंत्र और संसदीय परंपरा का उल्लंघन है।
नोटिस लोकसभा नियमों की धारा 94C के तहत दाखिल किया गया है। स्पीकर ने महासचिव को निर्देश दिए हैं कि नोटिस की जांच तेजी से पूरी की जाए। प्रस्ताव के लिए कम से कम 14 दिन का नोटिस पीरियड जरूरी है, इसलिए यह बजट सत्र के दूसरे चरण में चर्चा के लिए आ सकता है। विपक्षी दल जैसे कांग्रेस, टीएमसी, सपा, डीएमके आदि इस प्रस्ताव का समर्थन कर रहे हैं, जबकि टीएमसी ने पहले हस्ताक्षर से इनकार किया था लेकिन अब स्थिति बदल सकती है। यह कदम सदन में बढ़ते गतिरोध और स्पीकर की भूमिका पर सवालों के बीच आया है।
विपक्ष का दावा है कि स्पीकर निष्पक्ष नहीं रह पा रहे और सरकार के पक्ष में फैसले ले रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष इसे राजनीतिक स्टंट बता रहा है। प्रस्ताव की सफलता के लिए कम से कम 50% सदस्यों का समर्थन जरूरी है, जो फिलहाल मुश्किल दिख रहा है। यह घटना संसद की कार्यवाही और स्पीकर की विश्वसनीयता पर गंभीर बहस छेड़ सकती है।



