फारबिसगंज: प्रशासन और चिकित्सकों के बीच सुलह, तीन दिनों से जारी हड़ताल खत्म

प्रिंस कुमार/अररिया : फारबिसगंज (अररिया): फारबिसगंज के बचपन नियो एंड चाइल्ड हॉस्पिटल में छापेमारी के दौरान प्रशासनिक अधिकारी और चिकित्सक के बीच हुई मारपीट का मामला आखिरकार सुलझ गया है। रविवार को अनुमंडल कार्यालय में हुई हाई-लेवल मीटिंग के बाद आईएमए (IMA) ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल वापस लेने की घोषणा की। दोपहर बाद सभी निजी अस्पतालों में कामकाज सामान्य रूप से शुरू हो गया।

एसडीएम अभय कुमार तिवारी के कार्यालय कक्ष में आयोजित इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों और आईएमए के प्रतिनिधियों के बीच मैराथन वार्ता हुई। समझौते की मुख्य बातें निम्नलिखित रहीं:

गलती का अहसास: दोनों पक्षों ने स्वीकार किया कि 12 फरवरी की घटना आवेश और गलतफहमी के कारण हुई थी।

केस वापसी: पुलिस स्टेशन और कोर्ट में एक-दूसरे के खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायतों को वापस लेने पर सहमति बनी।

सौहार्दपूर्ण अंत: विवाद के केंद्र में रहे वरीय उप समाहर्ता डॉ. रामबाबू और पीड़ित चिकित्सक डॉ. दीपक कुमार ने आपसी मनमुटाव भुलाकर एक-दूसरे से हाथ मिलाया।

एसडीएम अभय कुमार तिवारी ने कहा, “प्रशासन और चिकित्सकों के बीच मित्रतापूर्ण वातावरण में बातचीत हुई है। सारे विरोधाभास अब समाप्त हो चुके हैं। यह एक परिस्थितिजन्य घटना थी जिसे आपसी सहमति से सुलझा लिया गया है।”

वहीं, वरीय चिकित्सक डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि इस घटना का विरोध केवल बिहार ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी हुआ था। उन्होंने कहा, “हमने अपनी समस्याओं और घटना के पीछे के तत्वों के बारे में प्रशासन को अवगत करा दिया है। अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है, जिसके बाद हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया गया।”

इस महत्वपूर्ण वार्ता के दौरान जिला पंचायती राज पदाधिकारी मनीष कुमार, एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा, थानाध्यक्ष राघवेंद्र कुमार सिंह, आईएमए शाखा अध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार, सचिव डॉ. अतहर, डॉ. अजय कुमार सिंह, डॉ. संजय कुमार और डॉ. एस तरफदार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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