आर्ट्स गुरु पूर्णियाँ में योग विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित, विद्यार्थियों ने योग के महत्व पर रखे विचार

पूर्णियाँ : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शहर के प्रतिष्ठित निजी शिक्षण संस्थान “आर्ट्स गुरु पूर्णिया” में योग विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर योग के इतिहास, महत्व और वर्तमान समय में उसकी उपयोगिता पर अपने विचार व्यक्त किए।संस्थान के संस्थापक नेहाल रज़ा ने कहा कि योग को हम सभी को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए। योग से शरीर और मस्तिष्क दोनों स्वस्थ रहते हैं तथा विद्यार्थियों में एकाग्रता, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का विकास होता है।प्रतियोगिता में टीना कुमारी ने योग के शाब्दिक अर्थ और गीता में वर्णित “योगः कर्मसु कौशलम्” का उल्लेख करते हुए बताया कि योग जीवन में संतुलन और कुशलता प्रदान करता है।

वहीं अनुज ने योग की प्राचीन भारतीय परंपरा, सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर महर्षि पतंजलि के योग सूत्रों तक इसकी ऐतिहासिक यात्रा पर प्रकाश डाला। मो. विलायत ने अष्टांग योग, प्राणायाम और इसके विभिन्न प्रकारों की जानकारी दी। तमन्ना परवीन एवं नोमान ने आधुनिक जीवन में बढ़ते तनाव, व्यस्तता और मानसिक असंतुलन को दूर करने में योग की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।सिम्मी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों का उल्लेख करते हुए योग को भारत की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर बताया। वहीं मो. सैफ और आयशा ने विभिन्न योग गुरुओं एवं महर्षि पतंजलि के विचारों के माध्यम से योग को शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का विज्ञान बताया।

विद्यार्थियों ने अपने निबंधों में कहा कि योग किसी विशेष धर्म से जुड़ा नहीं, बल्कि स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने की एक कला है। नियमित योगाभ्यास से शारीरिक क्षमता, मानसिक शांति, रोग प्रतिरोधक क्षमता तथा जीवन ऊर्जा में वृद्धि होती है।वक्ताओं ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव के बाद संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में स्वीकार किया गया, जिसका पहला आयोजन वर्ष 2015 में हुआ था।

इस निबंध प्रतियोगिता में मो. फैज, गजाला, खुशी, सलेहा परवीन, नेहा परवीन, दिलशाद, सदाकत, एजाज आलम, मो. सलमान सहित कई विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना एवं उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।