पूर्णिया: समाहरणालय पूर्णिया से जारी विज्ञप्ति के अनुसार सोमवार को अंशुल कुमार की अध्यक्षता में महानंदा सभागार में विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पटना मुख्यालय से प्राप्त अति महत्वपूर्ण लोककल्याणकारी एवं विकास योजनाओं से संबंधित पत्रों की प्रगति, शहरी क्षेत्र में खास महल एवं सरकारी भूमि का सर्वे तथा अतिक्रमण की स्थिति, पंचायत सरकार भवन और अग्निशमन कार्यालय हेतु भूमि उपलब्धता, जेपी सम्मान, मां कामाख्या मेले की तैयारियां, प्रस्तावित मुख्यमंत्री स्मृद्धि यात्रा की पूर्व तैयारी, बिहार विधानसभा 2025 से जुड़े कार्यों के सत्यापन व विपत्र भुगतान, प्रखंड स्तर पर बस स्टैंड की व्यवस्था, जनगणना, आंगनबाड़ी केंद्रों में पीएचआर वितरण, फार्मर रजिस्ट्री अभियान तथा नए भवन निर्माण और सेवा समाधान कार्यक्रम की अद्यतन स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी महत्वपूर्ण पत्रों और न्यायालय से संबंधित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, विकास योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग हो तथा तय समयसीमा का कड़ाई से पालन किया जाए। फार्मर रजिस्ट्री के दैनिक लक्ष्यों की प्राप्ति में किसी भी प्रकार की शिथिलता पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए उन्होंने सेवा समाधान के तहत प्रत्येक सोमवार एवं शुक्रवार को जनता दरबार आयोजित कर प्राप्त आवेदनों का उसी दिन पोर्टल पर पंजीकरण एवं निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता राजस्व, आपदा, विभागीय जांच, जिला लोक शिकायत, विधि-व्यवस्था से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि प्रखंड और अनुमंडल स्तरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

By अंग इंडिया न्यूज़

अंग इंडिया न्यूज़ एक समर्पित डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है जो भारत की सांस्कृतिक गहराइयों, सामाजिक मुद्दों और जन-आवाज को निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करता है। हमारा उद्देश्य है—हर क्षेत्र, हर वर्ग और हर भाषा को प्रतिनिधित्व देना, ताकि खबरें सिर्फ सूचनाएं न रहें, बल्कि बदलाव की प्रेरणा बनें।हम न सिर्फ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को कवर करते हैं, बल्कि उन कहानियों को भी उजागर करते हैं जो आमतौर पर मुख्यधारा से दूर रह जाती हैं। अंग इंडिया न्यूज़ का हर लेख, हर रिपोर्ट और हर विश्लेषण एक सोच के साथ लिखा जाता है—"जनता की नज़र से, जनता के लिए।"