सहरसा, अजय कुमार: बिहार सरकार श्रम संसाधन विभाग के आदेश से जिला उपश्रमायुक्त कार्यालय द्वारा ग्रामीण प्रशिक्षण शिविरों का संगठन द्वारा एकदिवसीय ग्रामीण प्रशिक्षण शिविर का आयोजन देव रिसार्ट में हुआ। जिसमें जिले के पूर्व से चिन्हित 153 पंचायत में से प्रत्येक पंचायत में एक-एक श्रमिकों को प्रशिक्षण देना सुनिश्चित किया गया है। लेकिन उपश्रमायुक्त के द्वारा सभी पंचायत से श्रमिकों के जगह पर श्रम अधीक्षक एवं श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी द्वारा खानापूर्ति के लिए बिचौलियों दलालों को बुलाकर प्रशिक्षण दिया गया।
इन बातों का उद्भेदन ना हो जाए इन कारणों से सहरसा जिला के केंद्रीय ट्रेड यूनियनों को आमंत्रित नहीं किया गया। इस आशय की जानकारी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर एटक एवं सीटू के जिला सचिव क्रमशः प्रभु लाल दास एवं नसीमुद्दीन के द्वारा दी गई। दिए गए जानकारी में उन्होंने कहा कि ग्रामीण प्रशिक्षण के नाम पर सरकारी पैसे का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया। उपश्रमायुक्त के द्वारा श्रम विभाग में मनमानी कर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है।
केंद्रीय ट्रेड यूनियन इनके क्रियाकलाप की उच्च स्तरीय जांच की मांग करती है। दिए गए बयान में नेता द्वय ने कहा कि जिला प्रशासन एवं श्रम संसाधन विभाग पटना इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करें अन्यथा संगठन बाध्य होकर सड़क पर उतरेगी।



