पूर्णिया: छात्र जनता दल (यूनाइटेड) पूर्णिया के जिला अध्यक्ष अंकित झा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पूर्णिया विश्वविद्यालय द्वारा बीएड कॉलेज कटिहार और बीएड कॉलेज फारबिसगंज के शिक्षकों के वेतन वृद्धि का भार सीमांचल के छात्रों पर डालना आर्थिक दोहन का प्रतीक है। अंकित झा के अनुसार इन कॉलेजों में अध्ययनरत छात्रों से लगभग ₹1,50,000 शुल्क लिया जा रहा है, जबकि भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के संबंधित कॉलेज में यह मात्र ₹1,00,000 है।
अंकित झा ने आरोप लगाया कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर कुलपति द्वारा उपलब्धियों की सूची गिनाई गई, लेकिन इस दौरान सीमांचल के छात्रों पर बढ़े आर्थिक बोझ और छात्र-विरोधी नीतियों की अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि अतिथि शिक्षक बहाली में भ्रष्टाचार, आरक्षण रोस्टर का उल्लंघन और बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम की अनदेखी जैसी घटनाएं कुलपति की छात्र-विरोधी मानसिकता को उजागर करती हैं।
इसके अलावा, हाल ही में सम्पन्न स्नातकोत्तर सत्र 2025–27 की नामांकन प्रक्रिया में रिक्त सीटों के बावजूद योग्य छात्रों को नामांकन से वंचित किया गया और पीएचडी पीईटी परीक्षा 2024–25 के विज्ञापन में कई विषयों में जानबूझकर कम सीटें निकाली गईं। अंकित झा ने चेतावनी दी कि छात्र जदयू ऐसे छात्र-विरोधी निर्णयों को किसी भी हालत में सफल नहीं होने देगा और छात्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगा।



