पूर्णियाँ सेंट्रल जेल के डिटेंशन सेंटर से बांग्लादेशी नागरिक फरार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

पूर्णियाँ : पूर्णियाँ सेंट्रल जेल के डिटेंशन सेंटर से एक बांग्लादेशी नागरिक के फरार होने का मामला सामने आने के बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। घटना के बाद जेल प्रशासन की ओर से केहाट थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस फरार विदेशी नागरिक की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है, वहीं पूरे मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, फरार व्यक्ति की पहचान मो. मन्ना के रूप में हुई है। जेल अधीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह डिटेंशन सेंटर की खिड़की के रास्ते बाहर निकलने में सफल हो गया। घटना के बाद ड्यूटी पर तैनात तीन गृहरक्षकों की भूमिका संदेह के घेरे में है।

प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फरारी में किसी अन्य व्यक्ति की मदद या सुरक्षा व्यवस्था में किसी अन्य प्रकार की चूक तो नहीं हुई।केहाट थानाध्यक्ष उदय कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है और विभिन्न पहलुओं से जांच आगे बढ़ाई जा रही है।बताया गया कि मो. मन्ना को 27 मार्च को सुपौल जिले के वीरपुर उपकारा से पूर्णिया सेंट्रल जेल के डिटेंशन सेंटर में स्थानांतरित किया गया था। वह बिना वैध दस्तावेज भारत में प्रवेश करने के मामले में अपनी सजा पूरी कर चुका था।

ऐसे विदेशी नागरिकों को उनके देश भेजने की प्रक्रिया पूरी होने तक डिटेंशन सेंटर में रखा जाता है।

2023 में सीमा पर हुआ था गिरफ्तार

जानकारी के अनुसार, दिसंबर 2023 में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 45वीं बटालियन ने सुपौल जिले के भीमनगर सीमा क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा के पास मो. मन्ना को गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला था कि वह बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर नेपाल जाने की कोशिश कर रहा था। उसके पास से बांग्लादेश से संबंधित यात्रा दस्तावेज भी बरामद हुए थे। उसकी पहचान बांग्लादेश के नारायणगंज जिले के रूपगंज थाना क्षेत्र के निवासी के रूप में हुई थी।

हाई सिक्योरिटी जेल में फरारी से बढ़ी चिंता

पूर्णिया सेंट्रल जेल राज्य की हाई सिक्योरिटी जेलों में शामिल है। यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम और कई स्तरों की निगरानी व्यवस्था मौजूद है। ऐसे में डिटेंशन सेंटर से एक विदेशी नागरिक का फरार होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, नियमित बंदी गणना के दौरान एक बंदी कम मिलने पर घटना का खुलासा हुआ। बताया जाता है कि जेल में वर्तमान में लगभग 1900 बंदी निरुद्ध हैं, जिनमें कई गंभीर मामलों के आरोपी भी शामिल हैं। इस घटना के बाद पुलिस और जेल प्रशासन संयुक्त रूप से फरार बांग्लादेशी नागरिक की तलाश में जुटे हैं। साथ ही पूरे घटनाक्रम और सुरक्षा में हुई संभावित चूक की विस्तृत जांच की जा रही है।