पूर्णियाँ : पूर्णियाँ विश्वविद्यालय की 26वीं विद्वत परिषद् (एकेडमिक काउंसिल) की बैठक गुरुवार को विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाने, नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) एवं राजभवन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रस्तुत सभी महत्वपूर्ण एजेंडों को सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक की शुरुआत 25वीं विद्वत परिषद् की कार्यवाही की पुष्टि एवं अनुपालन प्रतिवेदन के अनुमोदन से हुई। इसके बाद राजभवन सचिवालय तथा यूजीसी द्वारा जारी विभिन्न शैक्षणिक दिशा-निर्देशों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।बैठक में पीएच.डी. उपाधि प्रदान करने के लिए तैयार प्रारूप अध्यादेश (ड्राफ्ट ऑर्डिनेंस) एवं विनियमावली (रेगुलेशंस) को स्वीकृति दी गई। इसके लागू होने से विश्वविद्यालय में शोध कार्यों का संचालन नवीन यूजीसी विनियमों तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप किया जा सकेगा। विद्वत परिषद् ने द्विवर्षीय (चार सेमेस्टर) एवं एक वर्षीय (दो सेमेस्टर) स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के अध्यादेश एवं विनियमावली को भी मंजूरी दी। साथ ही इतिहास, मनोविज्ञान, हिन्दी, समाजशास्त्र, प्राणीशास्त्र, गणित, भौतिकी, रसायनशास्त्र और अर्थशास्त्र सहित विभिन्न विषयों के संशोधित पाठ्यक्रमों को अनुमोदित किया गया।
विश्वविद्यालय का मानना है कि इन संशोधनों से विद्यार्थियों को अद्यतन, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध होगी।बैठक में चार वर्षीय CBCS स्नातक पाठ्यक्रम के आठवें सेमेस्टर में शोध परियोजना एवं शोध-प्रबंध के संचालन और मूल्यांकन संबंधी दिशा-निर्देशों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त कौशल संवर्द्धन पाठ्यक्रम (SEC) के अंतर्गत Crosswords कोर्स को अंगीकृत करने तथा विद्यार्थियों के कौशल विकास को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया।विद्वत परिषद् ने यूजीसी के इंटर्नशिप एवं एग्जिट ऑप्शन संबंधी दिशा-निर्देशों को भी मंजूरी दी। साथ ही AEC-IV पाठ्यक्रम में NSS के क्रेडिट स्ट्रक्चर एवं पाठ्यक्रम को लागू करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव एवं सामाजिक सहभागिता के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
बैठक में विश्वविद्यालय के समग्र शैक्षणिक विकास से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी सकारात्मक निर्णय लिए गए। इनमें आधुनिक लेक्चर रिकॉर्डिंग स्टूडियो सह स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना, CBCS के अंतर्गत Crosswords कोर्स का प्रभावी संचालन, विश्वविद्यालय की शोध पत्रिका एवं मैगज़ीन का नियमित प्रकाशन तथा विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक भ्रमण एवं औद्योगिक भ्रमण जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देना शामिल है।बैठक को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने कहा कि पूर्णिया विश्वविद्यालय नई शिक्षा नीति-2020, यूजीसी तथा राजभवन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, शोधोन्मुख एवं रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्वत परिषद् द्वारा लिए गए निर्णय विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, सुदृढ़ एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाएंगे।
बैठक का संचालन कुलसचिव प्रो. अखिलेश कुमार ने किया। उन्होंने सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्वत परिषद् द्वारा अनुमोदित निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन से पूर्णिया विश्वविद्यालय शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में नए मानक स्थापित करेगा।