पूर्णियाँ विश्वविद्यालय की 26वीं सिंडिकेट बैठक में 13 प्रमुख प्रस्तावों को मिली मंजूरी, शैक्षणिक एवं आधारभूत विकास को मिलेगी गति

ठाकुरगंज के एम.एच.ए.एन. डिग्री कॉलेज में अनुदान वितरण के लिए शासी निकाय अधिकृत, बी.एम.टी. लॉ कॉलेज में विधि पाठ्यक्रमों के संचालन को हरी झंडी

पूर्णियाँ : पूर्णिया विश्वविद्यालय, पूर्णिया की 26वीं सिंडिकेट बैठक सोमवार, 02 नवम्बर 2026 को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन स्थित सभागार में माननीय कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विकास, प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, महाविद्यालयों में आधारभूत संरचनाओं के विस्तार, शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों से जुड़े विषयों सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक में निर्धारित एजेंडे के तहत एजेंडा संख्या 01 से 11 तथा 14 से 16 तक के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई, जबकि एजेंडा संख्या 12 एवं 13 को विचारार्थ शामिल नहीं किया गया।

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में एम.एच.ए.एन. डिग्री कॉलेज, ठाकुरगंज में अनुदान वितरण के लिए महाविद्यालय के शासी निकाय को अधिकृत करना शामिल रहा। इसके साथ ही महाविद्यालय के अगले वरीय शिक्षक श्री मो. हसीब आलम को प्रभारी प्रधानाचार्य के रूप में कार्य करने तथा महाविद्यालय के केवल छात्र कोष (Student Fund) खाते का संचालन करने के लिए प्राधिकृत किया गया। कॉलेज के लिए गठित तदर्थ समिति के गठन एवं अधिसूचना को भी अनुमोदन प्रदान किया गया।

बी.एम.टी. लॉ कॉलेज में विधि पाठ्यक्रमों के संचालन को स्वीकृति

बैठक में बी.एम.टी. लॉ कॉलेज, पूर्णिया में 60-60 विद्यार्थियों की निर्धारित नामांकन क्षमता के साथ तीन वर्षीय विधि डिग्री पाठ्यक्रम तथा पांच वर्षीय एकीकृत बी.ए.-एलएल.बी. पाठ्यक्रम में नामांकन प्रारंभ करने की अनुमति संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इस निर्णय से सीमांचल क्षेत्र में विधि शिक्षा के विस्तार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

21 सरकारी डिग्री महाविद्यालयों में बर्सर के दायित्वों के लिए प्राध्यापक प्राधिकृत

बिहार लोक भवन, पटना के राज्यपाल सचिवालय से प्राप्त निर्देश के आलोक में विश्वविद्यालय के अंतर्गत 21 ब्लॉक स्तरीय सरकारी डिग्री महाविद्यालयों में बर्सर के दायित्वों के निर्वहन के लिए 21 संविदा सहायक प्राध्यापकों को प्राधिकृत करने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

दो महाविद्यालयों में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति

डी.एस. कॉलेज, कटिहार एवं फारबिसगंज कॉलेज, फारबिसगंज के बी.एड. विभाग (स्ववित्तपोषित) में रिक्त शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय पदों के विरुद्ध नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ करने के प्रस्ताव को भी अनुमोदित किया गया। इससे संबंधित विभागों में मानव संसाधन की कमी दूर करने की दिशा में पहल होगी।

तीन महाविद्यालयों में स्ट्रांग रूम एवं परीक्षा भवन निर्माण का रास्ता साफ

परीक्षा व्यवस्था को बेहतर एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से मारवाड़ी कॉलेज, किशनगंज की 1.32 एकड़, पूर्णिया कॉलेज, पूर्णिया की 1.25 एकड़ तथा डी.एस. कॉलेज, कटिहार की 1.33 एकड़ भूमि पर स्ट्रांग रूम एवं परीक्षा भवन निर्माण के लिए विश्वविद्यालय द्वारा निर्गत अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) को सिंडिकेट ने अनुमोदित किया। इन निर्माण कार्यों से प्रश्नपत्रों एवं उत्तरपुस्तिकाओं के सुरक्षित रखरखाव तथा परीक्षा संबंधी गतिविधियों के सुचारु संचालन में मदद मिलेगी।

नेहरू कॉलेज एवं स्नातकोत्तर इतिहास विभाग में विभागीय दायित्वों को मंजूरी

नेहरू कॉलेज, बहादुरगंज के उर्दू विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. सरताज सुभानी को महाविद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य के रूप में कार्य करने हेतु प्राधिकृत करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। वहीं, फारबिसगंज कॉलेज, फारबिसगंज के इतिहास विभाग के प्राध्यापक प्रो. (डॉ.) अरविंद कुमार वर्मा को पूर्णिया विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में कार्य करने हेतु प्राधिकृत करने संबंधी प्रस्ताव को भी अनुमोदित किया गया।

अकादमिक काउंसिल एवं अन्य समितियों के निर्णयों पर मुहर

सिंडिकेट की बैठक में 22 अगस्त 2026 को आयोजित 25वीं सिंडिकेट बैठक के निर्णयों की संपुष्टि की गई। इसके अतिरिक्त 29 अक्टूबर 2026 को आयोजित अकादमिक काउंसिल की 29वीं बैठक तथा संबद्धता एवं नवीन शिक्षण कार्यक्रम समिति की 19वीं बैठक में लिए गए निर्णयों को भी अनुमोदन प्रदान किया गया। इससे विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों, संबद्धता एवं नवीन शिक्षण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

कुलपति ने गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा एवं पारदर्शी प्रशासन पर दिया जोर

बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन करना नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार करना, महाविद्यालयों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास करना तथा प्रशासनिक एवं वित्तीय व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाना भी है।उन्होंने सभी पदाधिकारियों, शिक्षकों एवं महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा विश्वविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता के नए आयाम तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया। उन्होंने परीक्षा संबंधी आधारभूत संरचनाओं के विकास, विधि शिक्षा के विस्तार, रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया तथा शैक्षणिक एवं प्रशासनिक समितियों के निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया।

बैठक में ये रहे उपस्थित

बैठक में कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह के अतिरिक्त अधिष्ठाता, छात्र कल्याण प्रो. अरविंद कुमार वर्मा, प्रॉक्टर डॉ. उदय नारायण सिंह, स्नातकोत्तर संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. गीता अग्रवाल, जी.एल.एम. कॉलेज, बनमनखी के प्रधानाचार्य डॉ. प्रमोद भारतीया, फारबिसगंज कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. अवधेश कुमार, सिंडिकेट सदस्य श्री महेंद्र प्रताप सिंह, प्रो. कमल किशोर सिंह, प्रो. बुलंद अख्तर हाशमी, श्री अशोक बादल, श्रीमती कौशल्या जायसवाल तथा कुलसचिव प्रो. अखिलेश कुमार उपस्थित रहे।बैठक के अंत में अनुमोदित प्रस्तावों के नियमानुसार क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।