Purnea University

पूर्णिया, किशन भारद्वाज: Purnea University में आज एक बेहद निंदनीय और चौंकाने वाली घटना घटी, जब परीक्षा नियंत्रक डॉ. एके पांडेय के साथ कुछ छात्रों ने दुर्व्यवहार किया। मिली जानकारी के अनुसार, छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक को उनके ही कार्यालय में जबरन बंद कर दिया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश होकर गिर पड़े। यह घटना विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक वातावरण के लिए एक गंभीर चुनौती के रूप में देखी जा रही है।

  • घटना का पूरा विवरण

परीक्षा नियंत्रक द्वारा पुलिस को दिए बयान से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब परीक्षा नियंत्रक डॉ. एके पांडेय अपने कार्यालय में नियमित कार्यों में व्यस्त थे। तभी सौरव कुमार नामक एक छात्र अपने कुछ साथियों के साथ वहां पहुंचा और परीक्षा से संबंधित किसी मुद्दे को लेकर हंगामा करने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सौरव कुमार ने परीक्षा नियंत्रक के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और अभद्र भाषा का उपयोग किया। मामला तब और गंभीर हो गया जब सौरव कुमार ने जबरन परीक्षा नियंत्रक को उनके कार्यालय में बंद कर दिया और बाहर से कुंडी लगा दी। इससे न केवल परीक्षा नियंत्रक अंदर फंस गए बल्कि वहां तैनात सुरक्षा गार्ड भी कैद हो गए।

Purnea University

  • तनाव और मानसिक प्रताड़ना से बिगड़ी परीक्षा नियंत्रक की तबीयत

बंद कमरे में परीक्षा नियंत्रक डॉ. एके पांडेय पर छात्रों ने मानसिक दबाव बनाया और कथित तौर पर प्रताड़ित किया। इस तनावपूर्ण स्थिति के कारण उनका रक्तचाप (बीपी) बढ़ गया और वे बेहोश हो गए। चूंकि दरवाजा बाहर से बंद था, इसलिए कार्यालय में मौजूद गार्ड भी किसी को सूचना नहीं दे पाए।

  • सूचना मिलते ही मचा हड़कंप, अस्पताल में भर्ती

कुछ समय बाद जब विश्वविद्यालय प्रशासन को इस घटना की जानकारी मिली, तो पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने तत्काल कार्यालय का दरवाजा खुलवाया और अंदर बेहोश पड़े डॉ. एके पांडेय को बाहर निकाला। उनकी हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया।

Purnea University

  • छात्रों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

इस घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है और दोषी छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की घोषणा की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, “यह घटना विश्वविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है। दोषी छात्रों की पहचान की जा रही है, और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस घटना में शामिल छात्रों पर सख्त निष्कासन (EXPULSION) की कार्रवाई भी हो सकती है, साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जा सकती है।

  • विश्वविद्यालय के अनुशासन पर गंभीर प्रश्न

यह घटना केवल परीक्षा नियंत्रक पर हमला नहीं है, बल्कि यह विश्वविद्यालय के अनुशासन और शैक्षणिक माहौल पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करती है। शिक्षण संस्थानों में अनुशासन और गरिमा बनाए रखना आवश्यक है, लेकिन ऐसी घटनाएं प्रशासनिक अधिकारियों और शिक्षकों के मनोबल को प्रभावित करती हैं।अब देखना यह होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस इस मामले में क्या ठोस कदम उठाते हैं और क्या यह घटना अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक चेतावनी बनकर सामने आएगी।

By अंग इंडिया न्यूज़

अंग इंडिया न्यूज़ एक समर्पित डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है जो भारत की सांस्कृतिक गहराइयों, सामाजिक मुद्दों और जन-आवाज को निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करता है। हमारा उद्देश्य है—हर क्षेत्र, हर वर्ग और हर भाषा को प्रतिनिधित्व देना, ताकि खबरें सिर्फ सूचनाएं न रहें, बल्कि बदलाव की प्रेरणा बनें।हम न सिर्फ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को कवर करते हैं, बल्कि उन कहानियों को भी उजागर करते हैं जो आमतौर पर मुख्यधारा से दूर रह जाती हैं। अंग इंडिया न्यूज़ का हर लेख, हर रिपोर्ट और हर विश्लेषण एक सोच के साथ लिखा जाता है—"जनता की नज़र से, जनता के लिए।"

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *