पूर्णिया : पूर्णिया विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक और नोडल पदाधिकारी के बीच चल रही कथित बयानबाजी को लेकर छात्र नेता राजा कुमार ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के बीच सार्वजनिक स्तर पर हो रहे आरोप-प्रत्यारोप से विश्वविद्यालय का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है और संस्थान की छवि पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
राजा कुमार ने कहा कि जब प्रशासनिक स्तर पर समन्वय का अभाव दिखाई देता है, तो उसका सीधा प्रभाव छात्रों पर पड़ता है। वर्तमान स्थिति में छात्र-छात्राएं अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटक रहे हैं, किंतु उन्हें स्पष्ट और आधिकारिक जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई कार्यालयों में छात्र एक टेबल से दूसरे टेबल तक भेजे जा रहे हैं, जिससे उनका समय और ऊर्जा दोनों व्यर्थ हो रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि दूरदराज़ जिलों से आए विद्यार्थियों को अनावश्यक रूप से कई दिनों तक विश्वविद्यालय परिसर में रुकना पड़ रहा है, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान हैं और कई छात्र निराश होकर वापस लौटने को विवश हो रहे हैं।
इस संबंध में छात्र नेता सह शोधार्थी डीएम ने विश्वविद्यालय प्रशासन से अपील की है कि विवाद को तत्काल सुलझाया जाए और संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि कार्यप्रणाली में सुधार के लिए अधिकारियों की परामर्शात्मक काउंसलिंग कराई जाए, ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें और कार्य प्रबंधन की नियमित समीक्षा हो।
छात्र नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा और छात्रों के हित सर्वोपरि हैं। ऐसे में प्रशासन को इस मामले में शीघ्र, स्पष्ट और ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें।



