अररिया, प्रिंस कुमार: फारबिसगंज के केसरी टोला में सोमवार को बाबा मलंग शाह दाता वारिश दरबार के ‘उर्स मुबारक’ के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हिंदू-मुस्लिम श्रद्धालुओं और साधु-संतों की बड़ी संख्या ने भाग लिया। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ गंगा-जमुनी तहजीब का अद्भुत उदाहरण रहा। धनावत परिवार के नेतृत्व में आयोजित इस शोभायात्रा में अजमेर शरीफ, लखनऊ, दिल्ली, देवाशरीफ, कोलकाता, नागपुर और पड़ोसी देश नेपाल से भी श्रद्धालु शामिल हुए। सभी पुरुष, महिला और बच्चे विशेष सफेद परिधान और माथे पर सफेद साफा पहनकर एकजुटता का संदेश दे रहे थे।
शोभायात्रा का आकर्षण मलंग बाबा का भव्य रथ रहा, जिसे श्रद्धालुओं ने रस्सी के सहारे नगर के विभिन्न मार्गों—दीनदयाल चौक, एसके रोड, राजेंद्र चौक, सदर रोड और पोस्ट ऑफिस चौक—से होकर मजार तक खींचा। बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़ों की थाप पर भक्तों ने जयकारों के साथ पूरी यात्रा को जीवंत बनाया। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बाबा के दरबार का जल और प्रसाद चमत्कारिक है और लाइलाज बीमारियां भी ठीक करता है।
उर्स के अवसर पर तीन दिवसीय भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें महोत्सव के दिन बाबा को अर्पित किए जाने वाले ’56 भोग’ का विशेष महत्व है। श्रद्धालुओं में इन भोगों और भंडारे को लेकर भारी उत्साह और श्रद्धा देखी गई, जिससे यह पर्व न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक मेलजोल का प्रतीक भी बन गया।



