ARARIA NEWS : टाउन हॉल में ‘फरोग-ए-उर्दू’ सेमिनार, मुशायरा और कार्यशाला का आयोजन

ARARIA NEWS,प्रिंस(अन्ना राय) : उर्दू भाषा के प्रचार-प्रसार और विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज अररिया के टाउन हॉल में एक भव्य ‘फरोग-ए-उर्दू’ सेमिनार, मुशायरा और कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार पटना और जिला प्रशासन, अररिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी अनिल कुमार और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर सम्मान किया गया। इस मौके पर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी वसीम अहमद, सहायक निदेशक जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग दिलीप कुमार और जिला उर्दू भाषा कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी जुल्फक्कार अली सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

वार्षिक पत्रिका ‘जिला उर्दू नामा’ का विमोचन

उद्घाटन सत्र के बाद, जिला उर्दू भाषा कोषांग की वार्षिक पत्रिका ‘जिला उर्दू नामा अररिया’ का विमोचन किया गया। जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में उर्दू को मिठास और भाईचारे की भाषा बताते हुए इसे ‘अनेकता में एकता’ का प्रतीक कहा। उन्होंने इस तरह के आयोजनों को जिला, अनुमंडल, प्रखंड और विद्यालय स्तर पर भी आयोजित करने पर जोर दिया।

सेमिनार में उर्दू के विकास पर चर्चा

कार्यक्रम के पहले सत्र में ‘फरोग-ए-उर्दू’ सेमिनार का आयोजन हुआ, जिसमें कई विद्वानों ने अपने आलेख प्रस्तुत किए:आफताब आलम (प्राचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान): उन्होंने सार्वजनिक स्तर पर उर्दू के विकास में आने वाली समस्याओं और उनके समाधान पर बात की। इनायतुल्लाह नदवी (प्राचार्य, पीपुल्स कॉलेज, अररिया): उन्होंने सरकारी स्तर पर उर्दू भाषा के विकास पर विचार रखे। हुमायूं इकबाल नदवी (शिक्षक): उन्होंने प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर उर्दू शिक्षण पर अपने आलेख प्रस्तुत किए। परवेज आलम (पत्रकार): उन्होंने अररिया में उर्दू के विकास पर अपने विचार रखे। मुशीर आलम (प्रधान शिक्षक): उन्होंने उर्दू भाषी छात्रों के लिए रोजगार के अवसरों पर प्रकाश डाला। जफर रहमानी (शिक्षक): उन्होंने उर्दू शिक्षकों की जिम्मेदारियों के विषय पर बात की।

इस सत्र में छात्राओं क्रमशः उजमा परवीन, ऐमन आयशा, सदा आजाद और सदफ आजाद ने अपनी गजल और कविताओं से श्रोताओं का मन मोह लिया।दूसरे सत्र में आयोजित मुशायरा में क्षेत्रीय और राज्य स्तरीय कवियों ने अपनी रचनाओं से लोगों का मनोरंजन किया। इनमें तारीक बिन साकिब, अरशद अनवर अलिफ, अब्दुल बारी जख्मी, खुर्शीद कमर, खातिब हैदर, मो० जुनेद आलम, मो० अत्ताउल्लाह, मुश्ताक अंजुम, फैयाज रही और शंकर कैमुरी शामिल थे। विशेष रूप से शंकर कैमुरी की गजलों को श्रोताओं ने खूब सराहा। कार्यक्रम का अंतिम सत्र उर्दू कार्यशाला के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें जिले के सभी प्रखंडों से आए शिक्षकों ने भाग लिया। अंत में, प्रभारी पदाधिकारी, जिला उर्दू भाषा कोषांग ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया।

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