पूर्णिया सदर अस्पताल में फर्जी मूर्छक (Anaesthetist) का मामला उजागर, रंजन कुणाल की शिकायत पर हुई जांच

पूर्णिया: समाजसेवी एवं विश्व हिंदू परिषद (VHP) के वरिष्ठ सदस्य रंजन कुणाल ने सदर अस्पताल पूर्णिया में कार्यरत डॉ. सुधांशु कुमार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए अस्पताल अधीक्षक को पत्र लिखा था। तीन नवंबर 2024 को गंगा स्नान के क्रम में हुए सड़क हादसे के बाद रंजन कुणाल और उनकी पत्नी का इलाज सदर अस्पताल में हुआ था। इलाज के दौरान कई डॉक्टरों के सहयोगपूर्ण रवैये की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि डॉ. सुधांशु कुमार का व्यवहार मरीजों और परिजनों के प्रति अपमानजनक और निंदनीय था।

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शिकायत पर संज्ञान लेते हुए अधीक्षक ने सात सदस्यीय जांच टीम गठित की। जांच रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया कि डॉ. सुधांशु कुमार के पास मूर्छक (Anaesthetist) की डिग्री नहीं है। वे पहले निश्चेतना विभाग में सहायक के रूप में कार्य कर चुके हैं और किसी आपातकालीन स्थिति में सहयोग करने के लिए उन्हें अस्पताल प्रशासन से अनुमति-पत्र मिला हुआ है। जब उनसे डिग्री का प्रमाणपत्र मांगा गया तो वह प्रस्तुत नहीं कर सके।

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रंजन कुणाल ने कहा कि अस्पताल में रहते हुए उन्हें डॉक्टर के अनुचित व्यवहार से काफी पीड़ा हुई। जब उन्होंने जानकारी जुटाई तो पता चला कि सुधांशु कुमार मूर्छक (Anaesthetist) डॉक्टर नहीं हैं। पत्र लिखने के बाद उन्हें कई तरह के दबाव और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा कि वे शिकायत वापस ले लें, लेकिन विश्व हिंदू परिषद के साथियों के सहयोग से वे डटे रहे।

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उन्होंने यह भी बताया कि डर की वजह से उन्होंने डीआईजी को भी पत्र लिखकर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है। कुणाल ने खुशी जताई कि जांच में सच्चाई सामने आ गई है और अब इंतजार है कि स्वास्थ्य विभाग या अस्पताल प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र भगतराणा गौतम, पंकज मिश्रा, मृत्यंजय महान सहित अन्य पदाधिकारियों ने खुशी जताई और कहा कि यह हमारी पहली जीत है। उन्होंने कहा कि आगे भी जहां-जहां फर्जी डॉक्टर और नर्सिंग होम के खिलाफ शिकायतें आएंगी, वहां कानूनी रूप से लड़ाई लड़ी जाएगी।

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