विधि संवाददाता, पूर्णिया: न्यायिक प्रशासन ने सभी अधीनस्थ न्यायालयों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र में अधिकतम मामलों की पहचान करें, उन मामलों में पक्षकारों और पीड़ितों को समय से नोटिस जारी करें, और वाद के पक्षकारों के बीच प्री-लोक अदालत बैठक आयोजित कर मामलों की जल्द सुनवाई और समाधान सुनिश्चित करें। इस पहल का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को तेज़ करना, पक्षकारों के बीच संवाद बढ़ाना और लंबित मामलों में व्यवस्थित तैयारी के माध्यम से निर्णय प्रक्रिया को प्रभावी बनाना बताया गया है।