पौषी पूर्णिमा व मां कोशी जन्मोत्सव पर विभिन्न गांवों में मेला शुरू

सहरसा, अजय कुमार : मिथिला क्षेत्र के कोशी इलाके में आस्था की परम्परा आज भी कायम है। पौषी पूर्णिमा पर इस ठंड में भी कोशी नदी मे स्नान कर पूजा-पाठ का क्रम आज भी प्रासंगिक है। इस परम्परा अंतर्गत विभिन्न गांवों में शुक्रवार की देर रात माँ कोशी की विशेष पूजा अर्चना कर जन्मोत्सव के साथ तीन दिवसीय कोसी मेला शुरू हो गया। खासकर पौष पूर्णिमा के अवसर पर कोसी इलाके के लोग मां कोसी सहित विभिन्न देवी देवताओं की प्रतिमा निर्माण व जन्मोत्सव मनाकर कर बड़े ही श्रद्धा भाव से पूजा अर्चना करते हैं।

कोसी जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित मेला में कई जगहों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। खासकर महिषी प्रखंड के राजनपुर,ऐना पंचायत के टूट्टा, भाव, सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के कठडूमर, घोघसम सहित गांवों में मां कोशी सहित विभिन्न देवी देवताओं की प्रतिमा की पूजा अर्चना के लिए लोग सुबह से ही पहुंचने लगते हैं।खासकर राजनपुर में मीणा बाजार, मिष्टान केन्द्र, चित्रहार, झुला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा तो वहीं कठडूमर घोघसम सहित अन्य गांवों में दंगल कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित होगी।

राजनपुर मेला कमेटी संयोजक अजय कुमार सिंह अध्यक्ष सुमन भगत, उपाध्यक्ष धीरज कुमार सिंह , सचिव प्रभाष कुमार सिंह , कोषाध्यक्ष चन्द्रहास तिवारी ने बताया कि ठंड के बावजूद पूजा अर्चना के लिए भीड़ उमड़ेगी। मेला में मनोरंजन के सभी तरह का स्टाॅल लगाया गया है। शुक्रवार को पौष पूर्णिमा के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा स्नान एवं पूजा अर्चना किया। इस अवसर पर कोसी इलाके के लोगो ने कड़ाके की ठंड के बाद भी जगह जगह कोसी नदी में डुबकी लगाये।धार्मिक एवं पौराणिक महत्व के साथ पौषी पूर्णिमा उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है।

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