पूर्व मुखिया अरुण यादव और सचिव रंजन मंडल के नेतृत्व में हुई मुलाकात; मंत्री ने दिया स्थलीय निरीक्षण और पुनरुद्धार का आश्वासन

Former chief Arun Yadav and secretary Ranjan Mandal led the meeting; the minister conducted a site inspection and assured restoration.

प्रिंस कुमार/ अररिया/

बिहार की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक शंकरपुर मंदिर को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में, पूर्व मुखिया अरुण यादव और मंदिर समिति के सचिव सह पैक्स अध्यक्ष रंजन मंडल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बिहार के पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद से शिष्टाचार मुलाकात की। शिष्टमंडल ने मंदिर की ऐतिहासिक महत्ता को देखते हुए इसे ‘राजकीय पर्यटन स्थल’ के रूप में विकसित करने के लिए एक ज्ञापन सौंपा।

पर्यटन मंत्री के समक्ष पक्ष रखते हुए पूर्व मुखिया अरुण यादव ने कहा कि शंकरपुर मंदिर दशकों से न केवल स्थानीय बल्कि दूर-दराज के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि संसाधनों की कमी के कारण यह ऐतिहासिक स्थल वर्तमान में उपेक्षित है। यदि सरकार इसे राजकीय पर्यटन स्थल का दर्जा देती है, तो यहाँ पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

मंदिर सचिव सह पैक्स अध्यक्ष रंजन मंडल ने मंदिर की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए मंत्री से विशेष पैकेज की मांग की। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यहाँ ठहरने की व्यवस्था, बेहतर सड़कें और अन्य आधुनिक नागरिक सुविधाओं का विस्तार अनिवार्य है। उन्होंने पर्यटन विभाग से इस स्थल को सर्किट से जोड़ने का आग्रह किया।

पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, “बिहार के गौरवशाली मंदिरों का पुनरुद्धार और उनके ऐतिहासिक स्वरूप को बचाना हमारी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।” मंत्री ने मौके पर ही विभागीय अधिकारियों को शंकरपुर मंदिर का स्थलीय निरीक्षण करने और विकास की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का निर्देश दिया।

इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान शिष्टमंडल में मंदिर समिति के सचिव रंजन मंडल, पूर्व मुखिया अरुण यादव के साथ-साथ सत्यनारायण यादव, रामानंद पासवान, कृष्णानंद कुँवर, पूर्व सरपंच सत्यनारायण यादव, शंभु मंडल, दिलीप पासवान, कलपु केसरी, आशीष झा, सुशांत कुमार, मिंटू कुमार, चंदन कुमार, कौशल, छोटू कुमार, राजा कुमार, अमरदीप कुमार, चंद्रकांत, नीरज कुमार, चेतन कुमार, पिंटू कुमार, सोनू, मनीष आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।