पूर्णिया: राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल पूर्णिया में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) के माध्यम से जिले के कुपोषण एवं गंभीर कुपोषण से पीड़ित बच्चों को विशेषज्ञ चिकित्सा और पोषण परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार छह माह से अधिक आयु के उन बच्चों को भर्ती किया जाता है जिनमें बायलैटरल पेडल एडिमा, मध्य ऊपरी भुजा परिधि (MUAC) कम या लंबाई के अनुसार वजन कम पाया जाता है, वहीं छह माह से कम आयु के शिशुओं में अपर्याप्त स्तनपान या उम्र के अनुरूप कम वजन होने पर भी आवश्यकतानुसार भर्ती की व्यवस्था है।
एनआरसी में एफ-सैम प्रशिक्षित चिकित्सा पदाधिकारी, पोषण सलाहकार और स्टाफ नर्सों की देखरेख में बच्चों को चिकित्सकीय देखभाल, विशेष आहार और नियमित निगरानी दी जाती है तथा लगातार तीन दिनों तक प्रतिदिन 5 ग्राम प्रति किलोग्राम वजन वृद्धि या भर्ती के समय के वजन से 15 प्रतिशत बढ़ोतरी होने पर स्वस्थ घोषित कर घर भेजा जाता है। सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया ने बताया कि आमजन अपने आसपास के कुपोषित बच्चों की पहचान कर नजदीकी आंगनवाड़ी या स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें एनआरसी भेजा जा सके।
डीपीसी डॉ सुधांशु शेखर ने जानकारी दी कि दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच कुल 36 बच्चों को उपचार के बाद स्वस्थ कर घर भेजा गया है, जबकि एनआरसी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रजनीश सिंह ने कहा कि भर्ती बच्चों के टीकाकरण की स्थिति भी सुनिश्चित की जाती है, जिससे वे पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी सकें।



