कटिहार के फलका में भीषण अग्निकांड: 14 परिवार बेघर, बेटी की शादी के लिए जुटाए 15 लाख रुपये पलभर में राख

Massive fire in Phalka, Katihar: 14 families homeless, Rs 15 lakh collected for daughter's wedding reduced to ashes in a moment.

कटिहार (फलका)/

कटिहार जिले के फलका प्रखंड अंतर्गत सोहथा उत्तरी पंचायत के वार्ड संख्या–01 स्थित पटवर टोला, कबलसिया गांव में सोमवार को लगी भीषण आग ने 14 परिवारों की जिंदगी को तबाह कर दिया। अचानक भड़की आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते 14 घर पूरी तरह जलकर राख हो गए। इस अग्निकांड में घरों में रखा अनाज, कपड़े, फर्नीचर, जरूरी कागजात, नकदी और कीमती जेवरात सब कुछ आग की भेंट चढ़ गया। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस घटना में 30 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पूरे टोले में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने बच्चों और बुजुर्गों को बचाने के लिए जान हथेली पर रखकर इधर-उधर भागते नजर आए। चीख-पुकार और धुएं के बीच कई परिवारों का सब कुछ लुट गया।
सूचना मिलते ही मुखिया प्रतिनिधि संजय झा, स्थानीय ग्रामीण और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद करीब ढाई घंटे में आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक सब कुछ राख में तब्दील हो चुका था।
इस दर्दनाक घटना में मुनेश्वर मंडल, बेचनी देवी, पप्पू कुमार मंडल, विरमा कुमारी, मसोमात श्यामा देवी, बुलबुल देवी, शिल्पा देवी, वंदना कुमारी, खुशी कुमारी, सारो देवी, जुली देवी, रंजना देवी, प्रियांशु कुमारी और खुशबू कुमारी सहित कुल 14 परिवारों के घर पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए।
सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया जब पीड़ित परिवार अपनी जली हुई झोपड़ियों के सामने बैठकर फूट-फूटकर रोते नजर आए।

बुलबुल देवी के पति प्रकाश मंडल का घर में रखा करीब 10 लाख रुपये नकद आग में जल गया। वहीं मुनेश्वर मंडल ने अपनी बेटी निशा कुमारी (24 वर्ष) की शादी के लिए वर्षों की मेहनत से जोड़ी गई 10 लाख रुपये नकद राशि और तिलक के लिए रखे करीब 5 लाख रुपये के जेवरात भी इस आग में खो दिए। बेटी की शादी के सपने एक पल में राख हो गए।
घटना की जानकारी मिलते ही फलका अस्पताल की मेडिकल टीम भी मौके पर पहुंची और धुएं व भगदड़ में घायल हुए करीब एक दर्जन लोगों का प्राथमिक उपचार किया गया। फिलहाल सभी पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। खाने-पीने से लेकर ओढ़ने-बिछाने तक की कोई व्यवस्था नहीं बची है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को तत्काल मुआवजा, राहत सामग्री, अस्थायी आवास और पुनर्वास की व्यवस्था की जाए, ताकि अग्निपीड़ित किसी तरह दोबारा अपने जीवन को पटरी पर ला सकें।