उत्तराखंड हादसे में लापता लोगों के परिजनों से मिले प्रशांत किशोर, चनपटिया और सिकटा में बांधा ढांढस

पश्चिम चंपारण: उत्तराखंड के धराली क्षेत्र में हाल ही में हुए भयावह बादल फटने की घटना में बिहार के कई परिवार प्रभावित हुए हैं। शुक्रवार को जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया और सिकटा प्रखंड के घोघा और मंगलहिया गांव पहुंचे, जहां इस प्राकृतिक आपदा में लापता लोगों के परिजनों से उन्होंने मुलाकात की। बताया जा रहा है कि इन गांवों के लगभग 12 परिवारों के सदस्य अब तक लापता हैं।

प्रशांत किशोर के पहुंचते ही गांवों में माहौल बेहद भावुक हो गया। जिन परिवारों के प्रियजन अब तक उत्तराखंड में लापता हैं, उनकी महिलाएं और बच्चे बिलख पड़े। कई महिलाएं रोते-रोते बेहोश हो गईं, जिन्हें परिजनों और गांववालों ने संभाला। प्रशांत किशोर ने सभी पीड़ितों से मिलकर उनकी बात सुनी और उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।

उनके साथ एमएलसी अफाक अहमद, युवा पत्रकार मनीष कश्यप और जन सुराज अभियान से जुड़े अन्य प्रमुख नेता भी मौजूद रहे। सभी नेताओं ने पीड़ितों को सांत्वना दी और केंद्र एवं राज्य सरकार से जल्द राहत व सहायता पहुंचाने की मांग की। प्रशांत किशोर ने स्थानीय प्रशासन से भी अपील की कि ऐसे पीड़ित परिवारों की तुरंत पहचान कर राहत पैकेज, आर्थिक सहायता और आवश्यक समर्थन दिया जाए। प्रशांत किशोर ने मीडिया से बातचीत में कहा, “ये सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि हमारे तंत्र की परीक्षा की घड़ी है। जब लोग विपदा में हों, तब हमें संवेदनशीलता और तत्परता से काम करना चाहिए।”

घटनास्थल पर जुटे ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासन से मांग की कि उत्तराखंड में चल रहे राहत और खोज अभियान में बिहार सरकार विशेष टीम भेजे और लापता लोगों की खोज तेज की जाए। इस मानवीय पहल के जरिए प्रशांत किशोर ने एक बार फिर जन सरोकारों से जुड़े रहने का परिचय दिया है। पीड़ितों के आंसू पोंछने और उनकी तकलीफें सुनने के इस प्रयास को स्थानीय लोगों ने सराहते हुए कहा कि इस कठिन घड़ी में ऐसा सहारा बहुत मायने रखता है।

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