जन्म–मृत्यु पंजीकरण को लेकर पूर्णिया में जिला स्तरीय प्रशिक्षण, शत-प्रतिशत प्रमाण-पत्र निर्गत करने पर जोर

अंग इंडिया संवाददाता, पूर्णिया। अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय, बिहार, पटना (योजना एवं विकास विभाग) के निदेशानुसार जिले में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार (भा०प्र०से०) ने की, जबकि उप विकास आयुक्त एवं जिला सांख्यिकी पदाधिकारी की उपस्थिति रही।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर परिषद एवं नगर पंचायतों के कार्यपालक पदाधिकारी, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, अनुमंडलीय अस्पतालों के उपाधीक्षक, सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी तथा प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारियों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने जीएमसीएच पूर्णिया के उपाधीक्षक एवं जिला सांख्यिकी पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले के सभी पंजीकृत निजी अस्पतालों का आईडी खुलवाकर उन्हें संबंधित रजिस्ट्रेशन इकाई से टैग कराया जाए, ताकि निजी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों अथवा मृत व्यक्तियों का प्रमाण-पत्र उनके परिजनों को शीघ्र उपलब्ध कराया जा सके।

सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी को संयुक्त रूप से पंचायत स्तर के रजिस्ट्रार-सह-पंचायत सचिवों के साथ साप्ताहिक समीक्षात्मक बैठक करने का निर्देश दिया गया। साथ ही प्रत्येक सप्ताह एक विद्यालय एवं एक आंगनवाड़ी केंद्र को टैग करते हुए रोस्टर तैयार करने को कहा गया, ताकि कैंप लगाकर विद्यालय एवं आंगनवाड़ी केंद्र के बच्चों का शत-प्रतिशत जन्म प्रमाण-पत्र बनवाया जा सके।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि अस्पताल में जन्मे बच्चों का जन्म प्रमाण-पत्र नामांकन के बिना भी निर्गत किया जाना है, जिसमें एक वर्ष के भीतर नाम अंकित कराया जा सकता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अस्पताल में जन्म लेने वाले सभी बच्चों को जन्म प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से उपलब्ध हो।

प्रशिक्षण में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण से संबंधित विलंब शुल्क की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि 21 दिनों के भीतर सूचना मिलने पर प्रमाण-पत्र निःशुल्क जारी किया जाएगा। 21 से 30 दिनों के भीतर सूचना मिलने पर 2 रुपये, 30 दिनों से एक वर्ष के भीतर 5 रुपये तथा एक वर्ष के बाद सूचना मिलने पर 10 रुपये विलंब शुल्क लेकर प्रमाण-पत्र निर्गत किया जाएगा। सभी रजिस्ट्रार को निर्देश दिया गया कि विलंब शुल्क की राशि प्रतिमाह निर्धारित मद में अनिवार्य रूप से जमा की जाए।

इसके अतिरिक्त 21 दिनों से अधिक विलंबित मामलों में विभाग द्वारा निर्धारित प्राधिकार से अनुमति प्राप्त करने के उपरांत ही जन्म अथवा मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी करने का निर्देश दिया गया। पंचायत स्तर के रजिस्ट्रारों के क्षमतावर्धन हेतु प्रखंड स्तर पर भी प्रशिक्षण आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

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