अंग इंडिया संवाददाता, पूर्णिया।
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 तथा इससे संबंधित नियम, 1995 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को कल्याण पदाधिकारी द्वारा विशेष लोक अभियोजक, पूर्णिया के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान माननीय न्यायालय में लंबित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से संबंधित वादों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इसमें प्रत्येक प्रकरण की स्थिति, सुनवाई की प्रगति तथा लंबित कारणों पर विस्तार से चर्चा की गई।
साथ ही गवाही के लिए उपस्थित होने वाले पीड़ितों एवं गवाहों को देय यात्रा भत्ता, आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता तथा उनके समुचित भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की गई। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि पीड़ितों और गवाहों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा न्यायिक प्रक्रिया में उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
इसके अतिरिक्त मामलों के त्वरित एवं प्रभावी निष्पादन हेतु आवश्यक प्रशासनिक एवं विधिक बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया और संबंधित अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए, ताकि एससी–एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जा सके।



