अंग इंडिया / पूर्णियाँ : पूर्णियाँ विश्वविद्यालय, पूर्णियाँ के प्रशासनिक भवन में शनिवार को कुलपति-सह-अध्यक्ष प्रो. विवेकानंद सिंह की अध्यक्षता में सिंडिकेट की 25वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, प्रशासनिक, वित्तीय, मानव संसाधन एवं आधारभूत संरचना से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में प्रस्तुत सभी एजेंडों को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।बैठक में सबसे पहले 02 जुलाई 2026 को आयोजित सिंडिकेट की 24वीं बैठक के निर्णयों की पुष्टि तथा 14 जुलाई 2026 को आयोजित 27वीं अकादमिक परिषद की बैठक के निर्णयों के अनुमोदन पर विचार किया गया।
सिंडिकेट ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों, पदाधिकारियों एवं कर्मियों से संबंधित अनुशासन समिति की अनुशंसा को अनुमोदित किया। वहीं विश्वविद्यालय के Panel of Advocates में अधिवक्ता प्रभाकर पाहेपुरी एवं अधिवक्ता श्रेयशी राज को शामिल किए जाने की स्वीकृति दी गई। बैठक में मारवाड़ी कॉलेज, किशनगंज के प्राचार्य प्रो. संजीव कुमार को राजकीय डिग्री कॉलेज, बैसा के प्रभारी प्राचार्य के रूप में कार्य करने के लिए अधिकृत करने की स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही संगीत विषय के 04 तथा संस्कृत विषय के 14, यानी कुल 18 सहायक प्राध्यापक पदों के लिए संशोधित अधियाचना उच्च शिक्षा विभाग को भेजने को मंजूरी मिली।
विश्वविद्यालय मुख्यालय एवं अंगीभूत महाविद्यालयों के पुस्तकालय प्रतिष्ठान के अंतर्गत 43 पदों पर नियुक्ति के लिए अधियाचना भेजने के प्रस्ताव को भी अनुमोदित किया गया।विश्वविद्यालय के कॉर्पस खाते में उपलब्ध राशि पर ऑटो स्वीप/स्वीप-इन फिक्स्ड डिपॉजिट सुविधा का लाभ लेने के प्रस्ताव को भी सिंडिकेट ने मंजूरी दी। साथ ही पूर्णिया विश्वविद्यालय के अंतर्गत कार्यरत 51 गैर-शैक्षणिक कर्मियों की सेवा संपुष्टि के लिए संपुष्टि समिति की अनुशंसा को अनुमोदित किया गया।

सिंडिकेट ने एस.डी. लॉ कॉलेज, कटिहार तथा बी.एम.टी. लॉ कॉलेज, पूर्णिया में जन प्रतिनिधियों के नामांकन को स्वीकृति प्रदान की। इसके अलावा विभिन्न बी.एड., विधि, संबद्ध, राजकीय डिग्री एवं अंगीभूत महाविद्यालयों में विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों के नामांकन तथा 17 संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षक प्रतिनिधियों के नामांकन को भी मंजूरी दी गई।बैठक में हिन्दी, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र एवं समाजशास्त्र विषयों में विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित 21 राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में 206 संविदा सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति के प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया। वहीं पूर्णिया महिला महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापक डॉ. श्वेता कुमारी एवं डॉ. जागृति राय को क्रमशः विश्वविद्यालय के अंग्रेजी एवं दर्शनशास्त्र विभाग में विभागाध्यक्ष के रूप में प्रतिनियुक्त किए जाने से संबंधित प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली।आधारभूत संरचना और विकास पर भी अहम फैसले विश्वविद्यालय के विकास एवं आधारभूत संरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी सिंडिकेट ने निर्णय लिया। पूर्णिया कॉलेज, पूर्णिया के स्वामित्व वाली 5 एकड़ 32 डिसमिल भूमि पर बन रही संरचना के संबंध में स्मार पत्र राजभवन भेजकर दिशा-निर्देश प्राप्त करने का निर्णय लिया गया।
पूर्णिया विश्वविद्यालय में मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (MMTTC) की स्थापना के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) प्रस्तुत करने को मंजूरी दी गई। साथ ही एन.एस.एस. सलाहकार समिति की 07 अगस्त 2026 को आयोजित बैठक में लिए गए निर्णयों को भी अनुमोदित किया गया।इसके अतिरिक्त अररिया कॉलेज, अररिया के परिसर में सरकारी कल्याण छात्रावास के निर्माण के लिए NOC तथा अररिया कॉलेज एवं मारवाड़ी कॉलेज, किशनगंज में बहुउद्देशीय परीक्षा भवन के निर्माण के लिए NOC प्रदान करने के प्रस्ताव को भी सिंडिकेट ने मंजूरी दी।बैठक में कन्वोकेशन विश्वविद्यालय के नए भवन में आयोजित करने का निर्णय लिया गया। वहीं पूर्णिया विश्वविद्यालय द्वारा घोषित दानदाताओं से प्राप्त धनराशि का अंकेक्षण कराने का भी निर्णय लिया गया।
PAT-2024 एवं PAT-2025 पर राजभवन के निर्देश के बाद होगी कार्रवाई
बैठक में PAT-2024 एवं PAT-2025 के मामले पर भी चर्चा हुई। इस संबंध में निर्णय लिया गया कि सिंडिकेट सदस्य द्वारा दिए गए आवेदन को विश्वविद्यालय द्वारा राजभवन, पटना को अग्रसारित किया जाएगा और वहां से प्राप्त दिशा-निर्देश के आलोक में आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे PAT-2024 एवं PAT-2025 के अभ्यर्थियों से जुड़े मामले में अब राजभवन से प्राप्त होने वाले दिशा-निर्देश महत्वपूर्ण होंगे।
बैठक में ये रहे उपस्थित सिंडिकेट की बैठक में अधिष्ठाता छात्र कल्याण, कुलानुशासक, एक पीजी विभाग के विभागाध्यक्ष, दो प्रधानाचार्य, इसके अतिरिक्त प्रो. कमल किशोर सिंह, प्रो. बुलंद अख्तर हाशमी, श्री अशोक बादल, श्रीमती कौशल्या जायसवाल तथा पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलसचिव उपस्थित रहे। बैठक के अंत में कुलसचिव ने धन्यवाद ज्ञापन किया।विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, बैठक में लिए गए निर्णयों से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने, मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ाने तथा महाविद्यालयों में आधारभूत संरचनाओं के विकास को गति देने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।