सहरसा, अजय कुमार: Saharsa News वर्ष 2006 में स्थापित महिषी उत्तरी पंचायत के बिंद टोले में स्थापित विद्यालय पर अस्तित्व का संकट मंडरा रहा है। स्थापना काल से भूमिहीन और भवनहीन विद्यालय अब तक अस्थाई तौर पर राजकमल क्रीड़ा मैदान के पूर्व व दक्षिण के किनारे एक अति सामान्य भवन में चल रही है। किंतु राज्य सरकार द्वारा भवन निर्माण विभाग से लगभग तीन करोड़ राशि से स्टेडियम का निर्माण प्रगति पर है। जिस कारण दीवाल के नींव लेने के क्रम में विद्यालय के अस्थाई कमरा उसके ठीक बगल में और पूर्णतः बंद होने के कगार पर है।
108 नामांकित छात्र व छात्राओं और चार शिक्षकों वाले इस विद्यालय पर अब तक शिक्षा विभाग की नजर इनायत नहीं हुई है। लगभग 20 वर्ष पूर्ण होने वाले यह विद्यालय महिषी उत्तरी पंचायत के महिषी गांव के पुनर्वास में बसने वाले और पास में अवस्थित विभिन्न वसावटों में रहने वाले लोगों के बच्चों के लिए स्थापित किया गया था। परंतु शिक्षा विभाग के बेरुखी और लचर व्यवस्था के कारण स्थाई भवन से महरूम है। विद्यालय के प्रधान शिक्षिका ने बताया कि उच्चाधिकारी विभिन्न पत्रों और ई शिक्षा कोश के माध्यम से अनेकों बार स्मारित किया गया है किन्तु अबतक यह विद्यालय भवन हीन ही है।
अब जबकि राजकमल स्टेडियम का निर्माण अपने जोर पर है। इस विद्यालय को अपने मूल स्थान और भवन में स्थानांतरित करने की मांग तेज होने लगी है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी और राज्य मुख्यालय स्थित शिक्षा विभाग को स्थानीय लोग अविलंब स्थाई व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं ताकि बच्चों की पढ़ाई पर कोई संकट उत्पन्न न हो।



