चेन्नई, नीतीश कुमार: थलापति विजय अभिनीत तमिल फिल्म ‘जन नायगन’ के निर्माताओं KVN प्रोडक्शंस ने मद्रास हाईकोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ली है, जिसमें सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को निर्देश देने की मांग की गई थी कि फिल्म को 24 घंटे के भीतर U/A 16+ सर्टिफिकेट जारी किया जाए। जस्टिस पी.टी. आशा की बेंच ने मंगलवार (10 फरवरी 2026) को निर्माताओं की याचिका को ‘विड्रॉन’ घोषित कर दिया, क्योंकि निर्माताओं ने कोर्ट रजिस्ट्री को पत्र लिखकर बताया कि वे अब CBFC की रिवाइजिंग कमिटी के सामने फिल्म भेजने को तैयार हैं।
यह फैसला एक महीने से चल रही कानूनी लड़ाई के बाद आया है, जहां निर्माताओं ने CBFC द्वारा मांगे गए 14 कट्स और सर्टिफिकेट में देरी पर कोर्ट का रुख किया था। हाईकोर्ट ने पहले जनवरी में CBFC को सर्टिफिकेट देने का निर्देश दिया था, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप से इनकार कर मामले को हाईकोर्ट में वापस भेज दिया था। अब रिवाइजिंग कमिटी (9 सदस्यीय) फिल्म की समीक्षा करेगी और कट्स पर अंतिम फैसला लेगी, जिससे फिल्म की रिलीज की राह साफ हो सकती है।
फिल्म के राजनीतिक-सामाजिक कंटेंट के कारण सेंसर बोर्ड से विवाद हुआ था, लेकिन निर्माताओं ने अब कानूनी प्रक्रिया का पालन करने का फैसला लिया है। यह कदम विजय की राजनीतिक महत्वाकांक्षा और फिल्म रिलीज के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि फिल्म मार्च में रिलीज होने की उम्मीद है।



