असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की अधिकतम आयु सीमा 40 से बढ़ाकर 55 वर्ष की जाए : शोधार्थी रवि सिंह

मधेपुरा : भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के रसायन शास्त्र विभाग के शोधार्थी रवि सिंह ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष को बढ़ाकर 55 वर्ष करने की मांग की है। उनका कहना है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में नियुक्ति के लिए केवल आयु को आधार नहीं बनाया जाना चाहिए, बल्कि अभ्यर्थियों के ज्ञान, शोध कार्य, शैक्षणिक उपलब्धियों और अनुभव को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।रवि सिंह ने कहा कि हाल के दिनों में विभिन्न राज्यों द्वारा जारी भर्ती प्रारूप और नियमावली में अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष निर्धारित किए जाने से पीएचडी धारकों और शोधार्थियों में व्यापक असंतोष है।

उनका तर्क है कि पीएचडी पूरी करने, शोध कार्य संपन्न करने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की शोध पत्रिकाओं में गुणवत्तापूर्ण शोध-पत्र प्रकाशित करने में कई वर्ष लग जाते हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में योग्य एवं अनुभवी अभ्यर्थी केवल आयु सीमा के कारण भर्ती प्रक्रिया से वंचित हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि कई राज्यों में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की शैक्षणिक सत्र नियमित नहीं रहने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई निर्धारित समय से काफी देर में पूरी होती है।

इसका सीधा प्रभाव उनकी आयु पर पड़ता है, जिससे वे भर्ती के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा पार कर जाते हैं।रवि सिंह ने मांग की कि University Grants Commission (यूजीसी) के मानकों और उच्च शिक्षा की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष से बढ़ाकर 55 वर्ष की जाए। उनका कहना है कि इससे योग्य, प्रतिभाशाली और अनुभवी शोधार्थियों को समान अवसर मिलेगा तथा विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को बेहतर शिक्षण एवं शोध अनुभव वाले शिक्षक मिल सकेंगे।