नई दिल्ली: लोकसभा में जारी तीखी बहस और हंगामे के बीच विपक्षी दल स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में जुट गए हैं। कांग्रेस, सपा, टीएमसी, आप और अन्य विपक्षी दलों के नेता पिछले कुछ दिनों से स्पीकर की कार्यशैली पर सवाल उठाते रहे हैं, जिसमें उन्होंने विपक्षी सांसदों को बोलने का पर्याप्त समय न देना, चर्चा को बार-बार स्थगित करना और सत्ता पक्ष के पक्ष में फैसले लेने का आरोप लगाया है। सूत्रों के अनुसार विपक्षी दलों की बैठक में यह फैसला लिया गया है कि अगर स्पीकर की ओर से और लचीलापन नहीं दिखाया गया तो अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा, जिसके लिए आवश्यक 50 सांसदों के हस्ताक्षर जुटाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
विपक्ष का कहना है कि स्पीकर का पद निष्पक्ष और संवैधानिक होना चाहिए, लेकिन हाल के सत्रों में लोकसभा की कार्यवाही में विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है, जिससे संसदीय लोकतंत्र की भावना प्रभावित हो रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों ने स्पीकर पर पक्षपातपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा कि बजट सत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा को रोका गया और विपक्षी सदस्यों को अनुशासन भंग का हवाला देकर निलंबित किया गया। विपक्ष ने यह भी कहा कि अगर अविश्वास प्रस्ताव लाया गया तो यह स्पीकर की कार्यशैली पर जनता के सामने सवाल खड़ा करेगा।
दूसरी ओर सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दिया और कहा कि स्पीकर ने सदन की मर्यादा और नियमों के अनुसार ही कार्यवाही चलाई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि विपक्ष सदन में हंगामा करके बहस से भाग रहा है और अब स्पीकर पर हमला करके ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। संसद के मौजूदा सत्र में यह मुद्दा सबसे गर्मागर्म बहस का विषय बन गया है और दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। अगर अविश्वास प्रस्ताव लाया गया तो यह लोकसभा के इतिहास में एक दुर्लभ घटना होगी, क्योंकि स्पीकर के खिलाफ ऐसा प्रस्ताव बहुत कम बार ही सामने आया है। फिलहाल विपक्षी दलों की बैठकें जारी हैं और अगले कुछ दिनों में इस प्रस्ताव को लेकर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।



