विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान अन्तर्गत बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक को दिया गया प्रशिक्षण

विधि संवाददाता पूर्णिया: बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के लिए ऑगनबाड़ी वर्कर को प्रशिक्षित करने करने के उद्देश्य से बाल विकास परियोजना पदाधिकारीयों एवं आशा वर्कर को प्रशिक्षित करने हेतु सभी प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरकों के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोज नालसा (ASHA- Awareness, Support, Help and Action) मानक संचालन प्रक्रिया-बाल विवाह से मुक्ति की ओर अग्रसर, 2025 के कार्यान्वयन हेतु बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश के आलोक में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय कार्य योजना के अन्तर्गत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्णिया कन्हैया जी चौधरी के निर्देशानुसार 12 जनवरी 2026 को व्यवहार न्यायालय परिसर परिसर में अवस्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रशिक्षण हॉल में किया गया।

इस मौके पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार सुनील कुमार, सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई अमरेश कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक (विशेष किशोर पुलिस इकाई) आलोक रंजन, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति सुमित प्रकाश, लीगल एड डीफेन्स कॉन्सिल के डिप्टी चीफ श्रीमती कुमारी वेदवती यादव, जिला समन्वयक/बाल सुरक्षा सहयोगी एसोसिएसन फॉर वालेन्ट्री एक्सन (एन०जी०ओ०) सज्जाद आलम के द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी कसबा कुमारी बसंती पासवान, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी ग्रामीण रूपम कुमारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी डगरूआ शिप्रा भारद्वाज, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी बनमनखी एवं श्रीनगर विनिता कुमारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी शहरी लक्ष्मी कुमारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी रूपौली पुष्पा रानी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी वैसा सीमा कुमारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के० नगर अमृता वर्मा, महिला पर्यवेक्षिका बायसी श्वेता रानी उपस्थित हुई।

प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक में: अमौर से मुकेश कुमार, कसबा से उमेश पंडित, बी० कोठी से सुशील कुमार, बायसी से बन्दना कुमारी, बनमनखी से राजेश कुमार, रूपौली से कुन्दन कुमार, पूर्णियों पूर्व से बरखा रानी, धमदाहा से बिनोद कुमार जायसवाल, बैसा से राजेश कुमार रजक, श्रीनगर से धर्मेन्द्र कुमार, भवानीपुर से सतीश कुमार राम, जलालगढ़ से कुमारी कंचन सिन्हा, डगरूआ से प्रियंका कुमारी एवं के० नगर से कंचन कुमारी प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित हुए। प्रशिक्षण में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, बाल विवाह के लिए किसे दंडित किया जा सकता है, बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी कौन होते हैं, बाल विवाह के दुष्परिणाम एवं अन्य विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत दिये गये समय-सीमा के अन्तर्गत सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के ऑगनबाड़ी वर्कर को प्रशिक्षण देंगे तथा प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक सभी आशा वर्कर को प्रशिक्षित करेंगे।

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