ईश्वर भजन के बगैर मानव जीवन है पशुवत, सत्संग से जुड़कर ही मनुष्य पा सकते हैं मोक्ष – सत्यानंद जी महाराज

पूर्णिया, आनंद यादुका : भवानीपुर प्रखंड क्षेत्र के बसंतपुर चिंतामणि उस्कावरी पंचायत अंतर्गत मधवापुर गांव में भव्य संतमत सत्संग का आयोजन किया गया है । आयोजन में पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए हरिद्वार से पधारे संतमत सत्संग के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने कहा कि आज समाज मे जितनी भी बुराइयां फैली हुई है उसके लिए मनुष्य का बाहरी आडंबर जिम्मेवार है । उन्होंने कहा कि सत्संग के बगैर मानव जीवन न सिर्फ निरर्थक है बल्कि मानव जीवन पशुवत है । सिर्फ सत्संग से जुड़कर ही मनुष्य मोक्ष कि प्राप्ति कर सकता है । परन्तु मनुष्य आज अपने भीतर अंतरात्मा कि आवाज के बदले बाहरी आडंबर कि दुनियाँ में खोया हुआ है । जिस वजह से समाज मे तमाम तरह कि बुराइयां फैल रही है । हरिद्वार से पहुंचे श्री महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार मनुष्य तन के लिए भोजन कि आवश्यकता है। उसी प्रकार आध्यात्म के लिए भगवान का भजन एवं सत्संग अति आवश्यक है।

भगवान भजन एवं सत्संग के बगैर ना तो अच्छे वातवरण का निर्माण किया जा सकता है और ना ही एक अच्छा समाज बन सकता है। उन्होंने कहा कि जहाँ भी सत्संग का आयोजन किया जाता है वहां इस कलयुग में भी ईश्वर एवं दिवंगत बड़े-बड़े संतो की आत्मा अवश्य पहुंचती है । सत्संग के बगैर मानव जीवन के मोक्ष की कल्पना भी नही किया जा सकता है । ततपश्चात उनके साथ आये बोधानंद जी महाराज, विश्वबंधु जी महाराज आदि संतों ने अपनी मधुर वाणी से श्रद्धालुओं को प्रवचन देने का काम किया। इस पावन मौके पर ना सिर्फ समूचा मधवापुर भक्तिरस में डूबा हुआ है बल्कि समूचा बसंतपुर चिंतामणि उस्कावरी पंचायत क्षेत्र आध्यत्मिक रंग में डूबा हुआ प्रतीत हो रहा है । आयोजन कमिटी के द्वारा आयोजन स्थल पर भव्य, विशाल एवं आकर्षक पंडाल सहित मेला भी लगाया गया है। आयोजन को सफल बनाने में समूचे मधवापुर गांव के ग्रामीणों का सराहनीय सहयोग बना हुआ है।

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