पूर्णिया, आनंद यादुका: Purnia News कोरोना काल में पिता जुबैर आलम के निधन से टूट चुके परिवार को संभालते हुए भवानीपुर के रघुनाथपुर पंचायत के छप्पन गांव के मोहम्मद जफर आलम ने हार नहीं मानी – खेती का काम, मां तामजीला खातून और छोटे भाई-बहन की जिम्मेदारी के साथ पढ़ाई जारी रखी और आखिरकार उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय सोहता दक्षिण में लिपिक पद पर चयनित होकर पूरे गांव का नाम रोशन कर दिया। जफर ने अपनी सफलता का श्रेय भवानीपुर की रिसर्च एकेडमी के प्रिंस सर को दिया, जिन्होंने मुश्किल वक्त में न सिर्फ पढ़ाया बल्कि मानसिक ताकत भी दी। गांव में खुशी का माहौल है और जफर का संदेश साफ है – “हौसला और मेहनत हो तो कोई तूफान रोक नहीं सकता।” जफर की यह जीत पूरे इलाके के लिए प्रेरणा बन गई है।