Purnia Airport

सीमांचल को मिलेगी आसमान की उड़ान: चूनापुर एयरबेस से नागरिक उड़ान सेवा की दिशा में हाई‑लेवल समीक्षा बैठक

Purnia Airport

पूर्णिया: सीमांचल के लाखों लोगों के लिए दशकों पुरानी यात्रा जद्दोजहद खत्म होने जा रही है। वर्षों की मांग के बाद चूनापुर एयरबेस से अगस्त 2025 से नागरिक उड़ान सेवा शुरू करने की ओर अंतिम कदम उठाया जा रहा है। इस संबंध में गुरुवार को पूर्णिया में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय व राज्य सरकार के प्रमुख अधिकारी, भारतीय वायुसेना, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में शामिल जिम्मेदार अधिकारियों में थे: बिहार सरकार के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, AAI चेयरमैन विपिन कुमार, नागर विमानन निदेशक Dr. निलेश रामचंद्र देवडे, कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ, प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार, डीआईजी प्रमोद कुमार मंडल, जिलाधिकारी अंशुल कुमार, एसपी स्वीटी सहरावत, और वायुसेना की विंग कमांडर पल्लवी आर्य

बैठक से पहले अधिकारियों ने एयरपोर्ट के पोर्टा‑केबिन परिसर और सड़क निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया, जिसमें डीएम ने निर्माण की वर्तमान स्थिति पर जानकारी दी। अधिकारियों ने इस दौरान पता चलने वाली धीमी प्रगति को लेकर नाराज़गी जाहिर की और निर्माण एजेंसियों को निर्धारित समयसीमा में काम पूरा करने के कड़े निर्देश दिए

समीक्षा बैठक में सभी विभागों की तैयारियों—टर्मिनल बिल्डिंग, रनवे की स्थिति, सुरक्षा प्रणाली, नागरिक-सैन्य तालमेल और गृहक्षेत्र (भूमि अधिग्रहण) की समीक्षा की गई। अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ ने मीडिया को बताया, “हमारा प्रयास है कि अगस्त 2025 तक पूर्णिया से वाणिज्यिक उड़ान सेवा की शुरुआत हो सके। तमाम जिम्मेदार एजेंसियों को समयबद्ध कार्य योजना के अंतर्गत काम पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है।”


✈️ सीमांचल को यह उड़ान क्यों है महत्वपूर्ण?

🔹 फायदा✈️ विवरण
यात्रा की सुविधापटना, दिल्ली, कोलकाता में पहुंच मिनटों में बदलेगी—घंटों बचेंगे
स्वास्थ्य सेवाएंमेडिकल इमरजेंसी में मरीजों का तेज ट्रांसपोर्ट संभव
शिक्षा और रोजगारछात्र, प्रोफेशनल और प्रवासी मजदूरों के लिए यात्रा आसान
व्यापार-विकासनिवेश, इंडस्ट्री, पर्यटन को मिलेगा बड़ा बूस्ट
रोजगार सृजनएयरपोर्ट संचालन, लॉजिस्टिक्स, टैक्सी, होटल जैसे सेक्टर्स में रोजगार
आपदा प्रबंधनबाढ़/दुर्घटनाओं में राहत सामग्री जल्दी पहुंचना संभव
सीमावर्ती जिलों को विकासअररिया, किशनगंज, कटिहार इलाके को सीधा फायद
राष्ट्रीय रक्षा-योगदानएयरबेस पर नागरिक उपयोग से सुरक्षा सहयोग भी मजबूत
सामाजिक-आर्थिक ध्वनिक्षेत्र का आत्मविश्वास व पहचान मजबूत होगी

✨ एक ऐतिहासिक मौका: 1933 से आज तक

1933 में चूनापुर एयरबेस से पहली बार उड़ान शुरू हुई थी। इसके बाद 2012 में “स्पिरिट एयर” नामक देशी एयरलाइन ने सीमित रूप से नागरिक उड़ान सेवा चलाई, पर वह ज्यादा दिनों तक टिक नहीं सकी। तब से लेकर आज तक यह एयरबेस सिर्फ वायुसेना के अधीन ही था। अब नागरिक उड्डयन मंत्रालय एवं नीति आयोग की मंजूरी के साथ इस हिस्से को नागरिक उड़ानों के लिए खोलने का कार्य अंतिम चरण में है।


निष्कर्ष:
यदि तकनीकी, सुरक्षा और प्रशासनिक मंजूरियाँ समय पर मिल जाती हैं, तो सीमांचल के लिए यह एयरपोर्ट सेवा सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि विकास की संजीवनी बन सकती है। यह सुविधा न केवल लोगों की जीवन-यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि प्रत्यक्ष आर्थिक, सामाजिक और छवि संबंधी लाभ भी प्रदान करेगीअगस्त 2025 का इंतजार राजनीतिक, प्रशासनिक, सामाजिक और तकनीकी समर्थन का स्वीकृत परिणाम होगा — एक ऐसा क्षण, जब सीमांचल आकाश में उड़ान भरने को तैयार होगा।

Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *