पूर्णियाँ : आगामी मानसून और संभावित बाढ़ की चुनौतियों को देखते हुए बाढ़ सुरक्षा सप्ताह 2026 के अवसर पर पूर्णिया जिला प्रशासन द्वारा अमौर एवं बैसा अंचल में व्यापक मॉकड्रिल और आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को आपदा के समय सतर्क रहने, स्वयं की सुरक्षा करने तथा राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग के लिए तैयार करना था। कार्यक्रम के दौरान राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की विशेषज्ञ टीम ने प्रखंड सभागार में अधिकारियों, कर्मियों एवं स्थानीय लोगों को बाढ़ के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की जानकारी दी। टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन, नाव संचालन तथा आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।
प्रशिक्षण में ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि संकट की घड़ी में उपलब्ध स्थानीय संसाधनों जैसे प्लास्टिक की खाली बोतलों और केले के तने का उपयोग कर अस्थायी जीवन रक्षक साधन तैयार किए जा सकते हैं। इसके साथ ही मेडिकल टीम ने डूबने की स्थिति में प्राथमिक उपचार, सीपीआर, सर्पदंश तथा बाढ़ के समय फैलने वाली बीमारियों से बचाव के तरीकों की जानकारी दी। जिला प्रशासन की ओर से लोगों को मौसम संबंधी पूर्व चेतावनियों पर ध्यान देने और समय रहते सुरक्षित स्थान या राहत शिविरों तक पहुंचने के लिए जागरूक किया गया।
अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) सुजय कुमार सिंह ने कहा कि पूर्णिया प्रशासन संभावित बाढ़ की किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार और सतर्क है। उन्होंने बताया कि आपदा के समय नुकसान को कम करने में पूर्व तैयारी और आम लोगों की जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अमौर एवं बैसा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में आयोजित यह मॉकड्रिल प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा के साथ-साथ आम नागरिकों में आत्मविश्वास बढ़ाने की दिशा में एक अहम पहल है।