कटिहार: कटिहार जिले के मनसाही प्रखंड के मरंगी पंचायत में फाइलेरिया से ग्रसित मरीजों के लिए विशेष देखभाल हेतु फाइलेरिया क्लीनिक का उद्घाटन किया गया। सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ सिंह ने इस अवसर पर फाइलेरिया नियंत्रण के लिए मोरबिडिटी मैनेजमेंट एंड डिसेबिलिटी प्रिवेंशन (एमएमडीपी) किट का वितरण किया। किट के साथ मरीजों को फाइलेरिया ग्रसित अंगों की उचित देखभाल और नियमित दवा सेवन की जानकारी भी दी गई। डॉ. जितेंद्र नाथ सिंह ने बताया कि फाइलेरिया का पूर्ण इलाज संभव नहीं है, इसलिए ग्रसित अंगों की सफाई और एंटीसेप्टिक क्रीम का नियमित उपयोग आवश्यक है। विशेष रूप से हाथीपांव के रूप में जान पहचान वाली इस बीमारी में संक्रमण को रोकना और देखभाल करना महत्वपूर्ण है।
जिला भेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. जे पी सिंह ने फाइलेरिया के संक्रमण के कारणों और मच्छरों के माध्यम से फैलने वाली इस बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि संक्रमित मच्छर के काटने से शरीर में कृमि प्रवेश करता है जो लसिका तंत्र को प्रभावित करता है। स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम डॉ. किशलय कुमार ने बताया कि विभाग नियमित रूप से एमएमडीपी किट वितरित करता है, जिसमें कीट, मग, साबुन, एंटीसेप्टिक क्रीम आदि शामिल हैं, ताकि मरीज अपनी देखभाल सही तरीके से कर सकें। इसके साथ ही मरीजों को नेटवर्क मेंबर बनाया गया है, जो अपने क्षेत्रों में फाइलेरिया से जागरूकता फैलाते हैं।
पिरामल फाउंडेशन के राज्य कार्यक्रम अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा हर वर्ष सर्वजन दवा सेवन अभियान चलाकर घर-घर जाकर फाइलेरिया रोधी दवा वितरित की जाती है। पांच वर्षों तक हर वर्ष दवा लेने से इस बीमारी से बचा जा सकता है। इस अवसर पर मरंगी पंचायत के मुखिया, स्वास्थ्य अधिकारी, पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सेविकाएं और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।



