पूर्णिया: संस्कार भारती, पूर्णिया इकाई के तत्वावधान में मझेली हाट स्थित मध्य विद्यालय, पूर्णिया पूर्व में आयोजित छह दिवसीय ‘आर्यावर्त नमन’ नृत्य, संगीत एवं नाट्यकला प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन 2 अगस्त, शनिवार को रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 100 बच्चों ने इस कार्यशाला में भाग लिया, जिनकी प्रस्तुतियों में भारतीय संस्कृति, लोक जीवन और देशभक्ति की झलक देखने को मिली। संगीत विधा में समरसता पर आधारित गीतों की प्रस्तुति हुई तो नृत्य के माध्यम से राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया गया। वहीं, ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ विषय पर आधारित नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नूतन गुप्ता और प्रखंड प्रमुख ने संस्कार भारती से ऐसे आयोजनों को लगातार ग्रामीण अंचलों में आयोजित करने का अनुरोध किया। संयोजिका श्रीमती चांदनी शुक्ला एवं सह-संयोजक अनमोल कुमार ने विद्यालय और अभिभावकों को धन्यवाद देते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उत्तर बिहार मंचीय कला विभाग के संयोजक अमित कुंवर ने प्रशिक्षित बच्चों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए विद्यालय प्रधान मुकेश नंदन मधुकर का विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने संस्था को आमंत्रित किया। फाइन आर्ट प्रशिक्षक सागर दास ने विद्यालय स्टाफ के सहयोग को सराहते हुए इसे अविस्मरणीय अनुभव बताया।
समापन समारोह में प्रेस क्लब पूर्णिया के अध्यक्ष नंदकिशोर सिंह, रंगकर्मी शशिकांत कुमार, प्रख्यात कलाकार एनएसडीएन मिथिलेश राय, सूरज सहनी, श्रुति कुमारी, मनोरंजन कुमार, अभिमन्यु कुमार सहित कई सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक भी उपस्थित रहे। कार्यशाला ने यह स्पष्ट किया कि ग्रामीण भारत की मिट्टी में छिपी कला प्रतिभाएं अगर सही दिशा और मंच पाएं, तो सांस्कृतिक पुनर्जागरण की एक नई लहर जन्म ले सकती है।











