पूर्णिया : अमौर में गुरुवार को उस समय स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई, जब प्रखंड विकास पदाधिकारी राजाराम पंडित एचपीवी टीकाकरण से जुड़ी बैठक के सिलसिले में रेफरल अस्पताल पहुँचे। बैठक में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की अनुपस्थिति ने बीडीओ को औचक निरीक्षण के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के कई कमरों में ताला बंद मिला और उपस्थिति पंजी की जांच में बड़ी संख्या में डॉक्टरों व कर्मियों के बिना कारण अनुपस्थित रहने का खुलासा हुआ।
उपस्थिति रजिस्टर के अनुसार प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. हक 30 अप्रैल को अनुपस्थित थे। एमओ डॉ. रसीद हुसैन भी अनुपस्थित पाए गए। अन्य चिकित्सकों में डॉ. नवल किशोर भारती 28 से 30 अप्रैल तक, डॉ. ललन कुमार 11 से 30 अप्रैल तक, डॉ. नाजिया प्रवीण 29 और 30 अप्रैल को, डॉ. चंद्रजीत कुमार 29 और 30 अप्रैल को तथा डॉ. तौकीर अख्तर 30 अप्रैल को अनुपस्थित दर्ज थे।
लिपिक व अन्य कर्मियों की स्थिति भी चिंताजनक रही। लिपिक अमर कुमार 22 से 30 अप्रैल तक, वंदना भारतीय 29 और 30 अप्रैल, आरती कुमारी 4 से 30 अप्रैल, श्यामलाल टुडू 11 से 30 अप्रैल, बर्मन कुमार 24 से 30 अप्रैल, गुड्डू कुमार 29 और 30 अप्रैल, पप्पू कुमार सिंह 30 अप्रैल तथा एएनएम निक्की कुमारी 21 से 30 अप्रैल तक अनुपस्थित पाई गईं।
निरीक्षण के बाद बीडीओ ने कहा कि बिना सूचना व बिना कारण अनुपस्थित पाए गए सभी पदाधिकारियों और कर्मियों की विस्तृत रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेजी जा रही है, ताकि आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इस घटना ने रेफरल अस्पताल की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


